कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल-सेक्‍यूलर के दस बागी विधायकों ने विधानसभा अध्‍यक्ष को दोबारा त्‍याग पत्र सौंपे

कर्नाटक विधानसभा अध्‍यक्ष रमेश कुमार ने आज कांग्रेस और जनता दल सेक्‍युलर के दस बागी विधायकों के दोबाराजमा किये गए त्‍याग पत्र प्राप्‍त कर लिये हैं। उन्‍होंने कहा कि वे स्‍वेच्‍छा सेदिए गए त्‍याग-पत्रों की सत्‍यता की जांच के बाद ही कोई निर्णय करेंगे। त्‍याग-पत्रोंको प्राप्‍त करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए विधानसभा अध्‍यक्ष ने कहा कि वे कार्रवाई के संबंध में उच्‍चतम न्‍यायालयको जानकारी देंगे और कार्रवाई की वीडियो रिकॉडिंग भी उच्‍चतम न्‍यायालय में जमा करेंगे।

स्‍पीकर ने माना है कि आज दिये गये इस्‍तीफे ठीक प्रकार से है,मगर ये भी कहा कि वह आज रात इस पर विचार करेंगे कि इस्‍तीफा स्‍वीकार करने में वह क्‍यानियम का अनुपालन करेंगे। कल वह कोर्ट में अपना पक्ष रख रहे हैं, जहां ये मालूम होगाकि स्‍पीकर का निर्णय क्‍या होगा। अब ये देखना है कि क्‍या विधायक जिनका इस्‍तीफा स्‍वीकारनहीं हुआ है, वह पक्ष बदल कानून के अधीन आएंगे या नहीं।

विधानसभा अध्‍यक्ष ने दलबदल विरोधी अधिनियम का उल्‍लेख करतेहुए कहा कि बहुत सी सरकारें इसलिए गिर गयीं थीं, क्‍योंकि कुछ लोग मंत्री बनना चाहरहे थे और स्‍वच्‍छ राजनीति के लिए इसे रोका जाना आवश्‍यक है। उन्‍होंने जोर देकर कहाकि निर्णय लेने की कोई जल्‍दी नहीं है जब तक वे लोगों की उम्‍मीदों और संविधान की भावनाओंके अनुरूप संतुष्‍ट नहीं हो जाते।

एक अन्‍य घटनाक्रम में कल विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस औरजनता दल एस ने अपने विधायकों को उपस्थित रहने और वित्‍त विधेयक के पक्ष में मतदान करनेके लिए व्हिप जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि अनुपस्थित रहने और मतदान न करने वाले विधायकों परदल बदल विरोधी कानून के प्रावधान लागू होंगे।

Related posts