देश के सभी कानूनों का पालन किया जाए तो क्रिप्टो करेंसी से कोई समस्या नहीं है: राजीव चंद्रशेखर

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आज बेंगलुरु में कहा है कि सरकार भारत की प्रौद्योगिकी को प्रेरित करने और एक ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक कम निर्देशात्मक और अधिक सिद्धांत-आधारित व्यापक कानूनी ढांचा तैयार करेगी।

राजीव चंद्रशेखर ने बेंगलूरू में आयोजित आईटेक लॉ इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस 2023 को संबोधित करते हुए कहा, “सरकार एक व्यापक कानूनी ढांचे पर काम कर रही है जिसमें प्रस्तावित डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, नेशनल डेटा गवर्नेंस फ्रेमवर्क, संशोधित सूचना प्रौद्योगिकी नियम आदि और आगामी डिजिटल इंडिया अधिनियम जैसे कानून शामिल होंगे – जो कम निर्देशात्मक और अधिक सिद्धांत-आधारित-एक जीवंत स्टार्टअप और नवाचार ईकोसिस्टम को सक्षम और समर्थन करने के लिए होंगे।” कानूनी दिग्गज और विशेषज्ञ इस कॉन्फ्रेंस में शामिल थे।

आई टेक लॉ सम्मेलन का आयोजन कर रहा है जो प्रौद्योगिकी कानून क्षेत्र में विशेषज्ञता के व्यापक स्पेक्ट्रम पर केंद्रित है।

मंत्री महोदय ने यह कहते हुए कहा कि सरकार ने हमेशा हितधारकों के विचारों को महत्वपूर्ण माना है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “किसी भी विधेयक या कानून की प्रभावकारिता, कार्यान्वयन और स्वीकृति उतनी ही अच्छी होती है, जितने लोग इसके मसौदे में मदद करने के लिए एक साथ आते हैं। हमारा प्रयास कानून बनाने की प्रक्रिया में अधिक से अधिक हितधारकों को शामिल करने का रहा है। यह जितना सरकार का कानून है उतना ही यह हितधारकों का कानून है।”

क्रिप्टो करेंसी के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में, मंत्री महोदय ने कहा कि जब तक देश के सभी कानूनों और नियमों का पालन नहीं किया जाता, तब तक क्रिप्टो के साथ कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, “जब तक आप कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हैं, तब तक ऐसा कुछ भी नहीं है जो क्रिप्टो को अवैध करता है। यदि आप क्रिप्टो में निवेश करना चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप भारतीय रिज़र्व बैंक के माध्यम से जाते हैं, नियमानुसार अपनी डॉलर की एलआरएस पात्रता प्राप्त करें।”

इसके बाद मंत्री महोदय ने बेंगलुरु में एनएक्सपी कार्यालय का दौरा किया और उनके नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने उन स्टार्टअप्स और उद्यमियों के साथ भी बातचीत की जिन्हें उनके द्वारा सलाह दी जा रही है। उन्होंने मंत्री महोदय के साथ अपनी परियोजनाओं के बारे में विवरण साझा किया और भारत सरकार की डिजाइन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना में गहरी दिलचस्पी दिखाई। राजीव चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि डीएलआई उनके विकास पथ में मदद कर सकता है।

मंत्री महोदय बाद में शाम को, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों के विकास पर चर्चा करने के लिए वैश्विक क्षमता केंद्र के प्रमुखों से मिलेंगे।