आज की खबर सुर्खियों में – 18 अक्टूबर आज का अखबार

भारत में कोरोना संक्रमण में कमी आने और कोरोना वायरस के टीकाकरण से जुड़ी खबर आज सभी अखबारों ने प्रमुखता से दी है। हिन्‍दुस्‍तान की सुर्खी है – कोरोना पर कसी लगाम, देश में सक्रिय मामले आठ लाख से नीचे पहुंचे। जनसत्‍ता के शब्‍द हैं – प्रधानमंत्री कार्यालय का एलान, टीका बनाने के करीब भारत। नवभारत टाइम्‍स की सुर्खी है – 30 करोड़ भारतीयों को पहले वैक्‍सीन। राष्‍ट्रीय सहारा लिखता है – डेढ़ माह में पहली बार एक्टिव केस आठ लाख के नीचे। इस वर्ष दोगुना हुआ पराली का धुंआ दैनिक जागरण की सुर्खी है। जनसत्‍ता लिखता है – पराली ने खराब की दिल्‍ली की अबोहवा। हरिभूमि के शब्‍द हैं – वायु गुणवत्‍ता खराब, दिल्‍ली के प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्‍सेदारी बढ़ी। दुर्घटना में गवाएं पांव, कृत्रिम पैरों से फतह करेंगे एवरेस्‍ट राजस्‍थान पत्रिका हौसला शीर्षक से लिखता है – अफ्रीका के किलिमंजारो पर्वत को फतह करने के बाद चित्रसेन का नया मिशन। खाने-पीने के मामले में भारतीय बेहद शौकीन-अपने स्‍वाद पर खर्च करते हैं न्‍यूयॉर्क के लोगों से भी ज्‍यादा। हरिभूमि ने यह खबर पहले पन्‍ने पर प्रकाशित की है। पत्र लिखता है – खाने पर खर्च को लेकर दुनिया के 36 देशों की सूची में भारत 28वें स्‍थान पर। बुजुर्गों को घर बैठे मिलेंगी सेवाएं हिन्‍दुस्‍तान की सुर्खी है। पत्र लिखता है – महामारी को देखते हुए वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए मनोचिकित्‍सक, डॉक्‍टर और कानून विशेषज्ञ जैसी विशेष सुविधाएं शुरू की गईं। अमर उजाला के शब्‍द हैं – हसगुल्‍ला क्‍लब लाएगा बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्‍कान।

त्‍यौहारों पर कई स्‍पेशल ट्रेनें चलाएगा रेलवे अमर उजाला सहित कई अखबारों की खबर है। हरिभूमि की सुर्खी है – पश्चिम रेलवे चलाएगा 12 जोड़ी ट्रेनें, इनमें पांच जोड़ी बांद्रा टर्मिनस से। 150 साल का बरगद का पेड़ संरक्षित कर पेश की मिसाल – राजस्‍थान पत्रिका की सुर्खी है। पत्र सराहनीय प्रयास से लिखता है – पेड़ को बचाने की खातिर संयुक्‍त परिवार ने सात एकड़ जमीन को नहीं किया विभाजित।

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