ट्राई ने आज हितधारकों की टिप्पणियों के लिए उपभोक्ता संगठन पंजीकरण (संशोधन) नियमन, 2023 का मसौदा जारी किया

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने 21 फरवरी, 2013 को उपभोक्ता संगठन पंजीकरण नियमन, 2013 (2013 का 1) [इसके बाद “प्रमुख नियमन” के रूप में संदर्भित] को अधिसूचित किया था।

वर्तमान में, प्राधिकरण, प्रमुख नियमों के तहत राज्य-वार उपभोक्ता संगठनों को पंजीकृत कर रहा है जो नियमों में उल्लिखित भूमिकाओं का पालन करके प्राधिकरण की सहायता कर सकते हैं।

तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल परिदृश्य में, 5जी, 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आदि जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में उपभोक्ताओं के जीवन की बेहतरी के लिए अपार संभावनाएं हैं। इन प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल से समाज के विभिन्न वर्गों को सहायता मिल सकती है। एआई और आईओटी समुदायों को बाजार की जानकारी तक तत्काल पहुंचने, संसाधन प्रबंधन को अनुकूलित करने और फसल की पैदावार बढ़ाने के विभिन्न अवसर प्रदान करते हैं। किसानों को आईओटी सेंसर सहायता के साथ एआई-संचालित मौसम पूर्वानुमान से अवगत कराया जाता है ताकि उन्हें उसके आधार पर कृषि संबंधी निर्णय लेने में मदद मिले।

5जी-सक्षम हाई-स्पीड कनेक्टिविटी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हुए उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एआई-संचालित एनालिटिक्स के साथ व्यवसायों और स्टार्टअप को सशक्त बनाती है। दूरदराज के क्षेत्रों में 5जी उन्नत सेवाओं के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा और दूरस्थ स्वास्थ्य सेवा, जबकि आईओटी-संचालित आपदा भविष्यवाणी और प्रत्युत्तर प्रणाली कमजोर समुदायों के लिए पर्यावरणीय स्थिरता और आपदा से होने वाले नुकसान को कम करती है। प्रभावी ढंग से उपयोग किए जाने पर ये प्रौद्योगिकियां समावेशी विकास को बढ़ावा दे सकती हैं, पहुंच बढ़ा सकती हैं और सामाजिक-आर्थिक अंतर को पाट सकती हैं।

विशेष रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए उपभोक्ता संगठन इन उभरती प्रौद्योगिकियों से होने वाले लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने में सहायक भूमिका निभा सकते हैं। थीम-आधारित कार्यक्रम आयोजित करने के लिए, ये संगठन इन प्रौद्योगिकियों के उपयोग को समझाने में ट्राई की सहायता कर सकते हैं, महिलाओं, किसानों, मत्स्यपालकों, छात्रों आदि जैसे विभिन्न वर्गों के उपभोक्ताओं को उनके संभावित लाभों के बारे में शिक्षित कर सकते हैं, और साइबर स्वच्छता का प्रचार भी कर सकते हैं। साथ ही, डेटा गोपनीयता के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक कर सकते हैं।

प्राधिकरण को राष्ट्रीय स्तर के उपभोक्ता संगठनों को पंजीकृत करने की आवश्यकता महसूस हुई, जिनकी कई राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में मौजूदगी है और जागरूकता सामग्री विकसित करके अभियान चलाने और थीम-आधारित कार्यक्रम आयोजित करने की क्षमता और पर्याप्त अनुभव है, जो उपभोक्ताओं और प्राधिकरण के बीच एक संपर्क सूत्र प्रदान कर सकता है। प्रस्तावित संशोधन प्राधिकरण को राष्ट्रीय स्तर के पंजीकरण के तहत पांच से अधिक राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में काम करने के लिए व्यापक पहुंच वाले सक्षम उपभोक्ता संगठनों को पंजीकृत करने में समर्थ बनाएगा। यह ऐसे उपभोक्ता संगठनों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाता है।