खेलो इंडिया योजना और खेल प्रोत्साहन योजनाओं के तहत प्रतिभा की पहचान और अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के लिए खिलाड़ियों को और निखारने का काम किया जाता है: केंद्रीय खेल मंत्री

राष्ट्रीय खेल संघों (एनएसएफ) को सहायता देने से जुड़ी योजना और टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने के अवसर प्रदान किए जाते हैं।

टॉप्सके तहत, अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों के लिए संभावित पदक विजेताओं को खास प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

खेलो इंडिया योजना और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की खेल प्रोत्साहन योजनाओं यानी राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, साई प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी), एसटीसी का विस्तार केंद्र और राष्ट्रीय खेल प्रतिभा प्रतियोगिता के तहत ओलंपिक 2028 सहित अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में भाग लेने के लिए देश के ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों सहित, प्रतिभा की पहचान की पहचान की जाती है और चिह्नित खिलाड़ियों एवं टीमों को निखारा जाता है।

भारतीय खिलाड़ियों और टीमों को ओलंपिक 2028 सहित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना एक सतत प्रक्रिया है। राष्ट्रीय खेल संघों को सहायता देने से जुड़ी योजना और टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेने के अवसर प्रदान किए जाते हैं। टॉप्स के तहत, ओलंपिक 2028 सहित अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए संभावित पदक विजेताओं को खास प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

ओलंपिक में शामिल खेलों सहित विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिता से जुड़ी जरूरतों पर संबंधित राष्ट्रीय खेल संघों और साई के साथ परामर्श कर प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के वार्षिक कैलेंडर (एसीटीसी) के तहत विचार किया जाता है और फैसला लिया जाता है।

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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