केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय-अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद इन्वेस्टर नेटवर्क प्रारम्भ किया

केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज नई दिल्ली में ‘शिक्षा मंत्रालय- अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद [मिनिस्ट्री ऑफ़ एजुकेशन- आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन एमओआई- एआईसीटीई]) निवेशक इन्वेस्टर नेटवर्क प्रारम्भ किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्रालय के सचिव, उच्च शिक्षा सचिव के. संजय मूर्ति, एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टी.जी. सीताराम; एआईसीटीई के उपाध्यक्ष, डॉ. अभय जेरे; राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड एवं राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल सहस्रबुद्धे और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

नेटवर्क प्रारम्भ करने के अवसर पर अपने सम्बोधन में धर्मेंद्र प्रधान ने इस पहल को एक ऐसी अभूतपूर्व शुरुआत बताया जो नवाचार की संस्कृति को मजबूती देने और स्टार्ट-अप वित्तपोषण के प्रश्न को हल करने के लिए छात्रों, शिक्षकों, निवेशकों और बाजार को एक मंच पर लाएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह स्टार्ट-अप परिदृश्य को और अधिक उत्प्रेरित करने व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्टार्ट-अप और नवाचार में भारत को ‘पहले स्थान पर लाने’ के सपने को पूरा करने की दिशा में एक और ठोस पहल है।

धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि ‘शिक्षा मंत्रालय-अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद इन्वेस्टर नेटवर्क कुशल अन्वेषकों के लिए सर्वांगीण सहायता- विचार निर्माण से लेकर व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य स्टार्ट-अप के रूप में सफल होने तक इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि उद्यम पूंजीपति मात्र निवेशकों की भूमिका से आगे बढ़कर अब मार्गदर्शक और साझेदार के रूप में भी काम कर रहे हैं। उन्होंने सभी भागीदारों और सलाहकारों को स्कूलों व उच्च शिक्षा संस्थानों की कक्षाओं से निकलने वाले उभरते विचारों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए न केवल विचारों और व्यवसायों में बल्कि देश के सपनों में भी निवेश करना महत्वपूर्ण है।

स्वागत भाषण देते हुए एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर टी.जी. सीताराम ने कहा कि अन्वेषकों और निवेशकों के बीच सहयोग नवाचार को बढ़ावा देने, उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और नए विचारों को फलीभूत करने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर नेटवर्क के माध्यम से रणनीतिक साझेदारी होने पर नए विचारों, आविष्कारों या वर्तमान में विद्यमान समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रोफेसर सीताराम ने यह भी उल्लेख किया कि अन्वेषकों और निवेशकों के बीच सफल सहयोग से उन स्थायी व्यवसायों का निर्माण होता है जो ग्राहकों को मूल्य प्रदान करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए लाभ भी पहुंचते हैं और आर्थिक विकास एवं नवाचार इकोसिस्टम में योगदान करते हैं।

विभिन्न क्षेत्रों के 50 से अधिक निवेशकों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने नेटवर्किंग के अवसरों को और अधिक स्थापित करने तथा नवाचार एवं विकास को बढ़ावा देने वाली साझेदारियों जिससे निवेशकों और अन्वेषकों दोनों को लाभ होता है, को उत्प्रेरित करने के लिए सार्थक जुड़ाव और अग्रिम पहल को बढ़ावा देने के लिए इस लॉन्च में भाग लिया। निवेशकों ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ एक परस्पर विचार-विमर्श सत्र भी आयोजित किया और दूरदर्शी विचारों का आदान-प्रदान करते हुए शिक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार के भविष्य में मूल्यवान जानकारियां प्राप्त कीं।

निवेशकों को प्रभावी ढंग से शामिल करने, नीति तैयार करने और ‘एमओई-एआईसीटीई इन्वेस्टर नेटवर्क’ का रणनीतिक प्रवाह विकसित करने के लिए डॉ. अभय जेरे की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय संचालन समिति भी स्थापित की गई है। इस समिति का गठन विविध प्रोफाइल वाले 100 निवेशकों को शामिल करने, नीति दस्तावेजों और कामकाजी दिशानिर्देशों का मसौदा तैयार करने और उसे विकसित करने, निवेशकों के लिए वित्तपोषण संबंधी दिशानिर्देश और मानदंड बनाने, वित्तीय सहायता के इच्छुक स्टार्ट-अप्स और अन्वेषकों के लिए पात्रता मानदंड तैयार करने, वित्त पोषित परियोजनाओं आदि की प्रगति की निगरानी और ट्रैक करने के लिए किया गया है।

डॉ. अभय जेरे ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी और बताया कि कैसे ‘एमओआई-एआईसीटीई इन्वेस्टर नेटवर्क’ निवेशकों को उच्च शिक्षा संस्थानों के भीतर नवीन विचारों का समर्थन करने के अवसर प्रदान करेगा। इनोवेटर्स के साथ निवेशकों के सहयोग में सार्थक निवेश के अवसरों को तलाशने वाले निवेशकों और नवाचार में अपने विकास को बढ़ाने का प्रयास करने वाले नवोदित छात्र और संकाय स्टार्टअप के बीच अंतर को पाटने की वह क्षमता है, जो भारत में शिक्षा क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

‘शिक्षा मंत्रालय-अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एमओआई-एआईसीटीई) इन्वेस्टर नेटवर्क’ शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दृष्टि से अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित एक अभूतपूर्व पहल है। इस नेटवर्क का लक्ष्य प्रारंभिक चरण के छात्र या संकाय के नेतृत्व वाले स्टार्टअप को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता, सलाह और रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करना है। इस अनूठे नेटवर्क के माध्यम से शिक्षा मंत्रालय छात्र और संकाय के नेतृत्व वाले स्टार्टअप में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना चाहता है। यह मंच नवाचार और उद्यमिता के लिए एक वाइब्रेंट इकोसिस्टम बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के भी अनुरूप है।

एमओआई-एआईसीटीई इन्वेस्टर नेटवर्क को शैक्षणिक संस्थानों को नवाचार का केंद्र बनने के लिए सशक्त बनाने, स्टार्ट-अप विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने, नवीन विचारों को मापनीय और टिकाऊ व्यवसायों में बदलकर प्रारंभिक पूंजी व संभावित निवेशक उद्यमशीलता की सुविधा प्रदान करने एवं आवश्यक संसाधनों, परामर्श के साथ स्टार्टअप प्रदान करने के उद्देश्य से लॉन्च किया गया है।

इस इन्वेस्टर नेटवर्क का उद्देश्य निवेशकों और परिवर्तनकारी शैक्षिक पहलों के बीच अंतर को पाटना, शिक्षा और प्रौद्योगिकी की उन्नति के लिए सहयोग को बढ़ावा देना है।