रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज मॉस्को में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए सोवियत सैनिकों के सम्मान में अज्ञात सैनिकों की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रविवार से रूस की तीन दिन की यात्रा पर हैं।
राजनाथ सिंह रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव के साथ सेना और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की 21वीं बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगे।
दोनों नेता दोनों देशों के बीच रक्षा के क्षेत्र में बहुआयामी संबंधों की पूरी श्रृंखला की समीक्षा करेंगे, जिसमें सैन्य-से-सैन्य और औद्योगिक सहयोग शामिल है। वे आपसी हित के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे।
रूस के कालिनीनग्राद के यंत्रा शिपयार्ड में कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में नवीनतम मल्टी रोल स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तुशील को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
राजनाथ सिंह ने इस युद्धपोत को नौसेना में शामिल किये जाने को देश की बढ़ती समुद्री ताकत का गौरवपूर्ण प्रमाण तथा भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही मैत्री में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को रूस का समर्थन, दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण है।
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