प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के नर्मदा ज़िले में 9,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के जनजातीय बहुल नर्मदा ज़िले के डेडियापाड़ा कस्बे में नौ हजार सात सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएँ बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और विरासत पर केंद्रित हैं। इनमें जनजातियों सशक्तिकरण पर विशेष ज़ोर दिया गया है। ये परियोजनाएँ जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर, महान जनजातीय नेता और स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुरू की गई हैं।
प्रधानमंत्री ने जनजातीय नेता बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर हमें सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव हज़ारों वर्षों से भारत की चेतना का अभिन्न अंग रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भी देश के सम्मान, स्वाभिमान और स्वशासन का प्रश्न उठा है, भारत का जनजातीय समाज सबसे आगे खड़ा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समाज के योगदान को कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने यह भी कहा कि आज श्री गोविंद गुरु पीठ जनजातीय भाषा संवर्धन केंद्र की भी स्थापना की गई है जहाँ सभी जनजातियों की बोलियों पर अध्ययन किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनसे जुड़ी कहानियों और गीतों को भी इस केंद्र में संरक्षित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जनजातीय समुदायों में एक बड़ी समस्या रही सिकल सेल बीमारी से निपटने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में औषधालयों, चिकित्सा केंद्रों और अस्पतालों की संख्या बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक अभियान चलाया जा रहा है।
इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा करने के लिए गुजरात के सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया। प्रधानमंत्री सुबह सूरत हवाई अड्डे पर उतरे और अंत्रोली क्षेत्र पहुंचे, जहां एक बुलेट ट्रेन स्टेशन निर्माणाधीन है। प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से बातचीत की और काम की समीक्षा की। भारत की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 508 किलोमीटर तक फैला है। इसमें गुजरात और दादरा और नगर हवेली में 352 किलोमीटर और महाराष्ट्र में 156 किलोमीटर क्षेत्र शामिल हैं। यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई सहित प्रमुख शहरों को जोड़ेगा, जो भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे में एक परिवर्तनकारी कदम है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित इस परियोजना में 465 किलोमीटर वायडक्ट्स पर आधारित है। इससे न्यूनतम भूमि व्यवधान और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होती है। अब तक 326 किलोमीटर वायडक्ट्स का काम पूरा हो चुका है और 25 में से 17 नदी पुलों का निर्माण हो चुका है।
पूरा होने पर, बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा के समय को लगभग दो घंटे तक कम कर देगी। इस परियोजना से पूरे कॉरिडोर पर व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की आशा है।
लगभग 47 किलोमीटर लंबा सूरत-बिलिमोरा खंड, निर्माण के अंतिम चरण में है। इसमें सिविल कार्य और ट्रैक बिछाने का काम पूरी तरह से पूरा हो चुका है। सूरत स्टेशन का डिज़ाइन शहर के विश्व प्रसिद्ध हीरा उद्योग से प्रेरित है, जो सुंदरता और कार्यक्षमता दोनों को दर्शाता है। स्टेशन को यात्रियों के आराम पर विशेष ध्यान देते हुए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें विशाल प्रतीक्षालय, शौचालय और खुदरा दुकानें हैं। यह सूरत मेट्रो, सिटी बसों और भारतीय रेलवे नेटवर्क के साथ निर्बाध मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सागबारा तालुका के देवमोगरा गाँव में जनजातीय समुदाय की कुल देवी पंडोरी माता के मंदिर में पूजा-अर्चना की।




