insamachar

आज की ताजा खबर

Vice President C.P. Radhakrishnan today participated in the golden jubilee celebrations of Sri Shakti Amma
भारत

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के श्रीपुरम में श्री शक्ति अम्मा के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के श्रीपुरम में श्री शक्ति अम्मा के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया और श्री शक्ति अम्मा की आध्यात्मिक यात्रा के 50 वर्ष पूरे होने के इस अवसर का हिस्सा बनकर अपार प्रसन्नता व्यक्त की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि श्रीपुरम स्वर्ण मंदिर की पवित्रता और आध्यात्मिक श्रेष्ठता भारत के पूर्व राष्ट्रपतियों डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और श्री राम नाथ कोविंद, और हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दर्शनों से स्पष्ट होती है, जिन्होंने पिछले महीने मंदिर का दौरा किया था।

श्री शक्ति अम्मा की धर्म के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनका मार्गदर्शन आध्यात्मिकता से परे व्यापक सामाजिक सेवा तक फैला हुआ है। उन्होंने श्रीपुरम में किए जा रहे विभिन्न परोपकारी कार्यों की सराहना की, जिनमें उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति, जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था, छात्रों को साइकिल वितरण जैसी दीर्घकालिक पहल और हजारों लोगों को भोजन कराने वाला दैनिक अन्नदान कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने इन पहलों को सच्ची भक्ति भावना से प्रेरित नेक सेवा बताया।

उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि श्रीपुरम परिसर में 50,000 से अधिक वृक्षारोपण किए गए हैं और पास की कैलाशगिरि पहाड़ियों पर कई लाख पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने इसे धरती माता और मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की पर्यावरण संरक्षण पहलों को सशक्त बनाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना भी एक प्रकार की दिव्य सेवा है।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल कर्मकांडीय पूजा में नहीं बल्कि प्रेम, करुणा और साथी मनुष्यों की सेवा में निहित है। उन्होंने कवि सुब्रमण्य भारती के शब्दों का उदाहरण देते हुए कहा, “प्रेम से बढ़कर कोई तपस्या नहीं है।” उन्होंने कहा कि समाज से प्रेम करना और उसकी सेवा करना ही सर्वोच्च आध्यात्मिक अनुशासन है।

उपराष्ट्रपति ने श्री शक्ति अम्मा को वर्तमान युग की एक महान आध्यात्मिक हस्ती बताया जो अपने जीवन और कार्यों से “प्रेम पवित्र है” के सिद्धांत का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं और समाज में धार्मिकता और आध्यात्मिक चेतना को बढावा देती है।

इससे पहले दिन में, उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के श्रीपुरम स्थित श्री नारायणी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने देवी लक्ष्मी से सभी के लिए शांति, समृद्धि और सुख की प्रार्थना की।

LEAVE A RESPONSE

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *