ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच विश्व नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर की जा रही हिंसक कार्रवाई की निंदा की
ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच विश्व नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर की जा रही हिंसक कार्रवाई की निंदा की है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में ईरान के नागरिकों के साहस की सराहना की और वहां की सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक हथियारों का इस्तेमाल बंद करने तथा शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करने की अपील की है। देश के कई प्रांतों में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
ईरान में देश के सर्वोच्च नेता के देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के बीच आज भी इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद रहा। देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमरीका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार अधिकारियों ने हिंसा पर चिंता व्यक्त की और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया, जबकि फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने प्रदर्शनकारियों की हत्या की निंदा की।
ईरान के निर्वासित युवराज रजा पहलवी, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक प्रमुख विपक्षी नेता के रूप में उभरे हैं। उन्होंने लोगों से प्रदर्शन जारी रखने का आग्रह किया है और सशस्त्र बलों से जनता की सुरक्षा करने का आह्वान किया है। रजा पहलवी ने स्वयं को लोकतांत्रिक परिवर्तन के संभावित सूत्रधार के रूप में प्रस्तुत किया। उनके हालिया बयानों में सत्ता परिवर्तन, धर्मनिरपेक्ष सरकार के समर्थन और अंतरराष्ट्रीय समर्थन की अपील पर जोर दिया गया है। 28 दिसंबर को शुरू हुए प्रदर्शन अब ईरान की धार्मिक सत्ता के लिए एक चुनौती में तब्दील हो गए हैं। प्रदर्शनकारी सीमित सुधारों के बजाय आमूल-चूल राजनीतिक परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। पश्चिमी देशों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की निंदा की है, जबकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि विदेशी ताकतें देश को अस्थिर करने के लिए अशांति फैला रही हैं। इससे एक तनावपूर्ण गतिरोध पैदा हो गया है और इंटरनेट पर प्रतिबंध के कारण ईरान से सूचनाओं का प्रवाह सीमित हो गया है।





