देशभर में आज मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति सर्दियों के अंत और लंबे दिनों की शुरुआत का प्रतीक है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस त्योहार को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। तमिलनाडु में इसे पोंगल, गुजरात में उत्तरायण, असम में भोगाली बिहू और पश्चिम बंगाल में इसे पौष संक्रांति कहते है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने मकर संक्रांति पर बल देते हुए कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा त्योहार है, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं की समृद्धि को दर्शाता है और सद्भाव, समृद्धि एवं एकजुटता की भावना का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि तिल और गुड़ की मिठास सभी के जीवन में प्रसन्नता और सफलता लाएगी। साथ ही, उन्होंने राष्ट्र के कल्याण के लिए सूर्य देव का आशीर्वाद भी मांगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान सूर्य का आशीर्वाद मांगते हुए एक संस्कृत सुभाषितम भी साझा किया, जो इस त्योहार के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करता है।





