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In the Mann Ki Baat program, PM Modi said that India economy is developing rapidly and the whole world is watching India.
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मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है और पूरे विश्व की नजर भारत पर है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से, विशेषकर उद्योग और स्टार्टअप उद्यमों में लगे युवाओं से, गुणवत्ता पर जोर देने की अपील की है। आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है और पूरे विश्व की नजर भारत पर है। उन्होंने लोगों से देश में विनिर्मित हर वस्तुल की गुणवत्ता में सुधार का संकल्प लेने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे कपड़ा हो या प्रौद्योगिकी, या इलेक्ट्रॉनिकी या केवल पैकेजिंग, लक्ष्य हो कि भारतीय उत्पाद सर्वोच्च गुणवत्ता के हों। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता हमारा मानक और लक्ष्य होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से अपने आह्वान- जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि केवल ऐसा करके ही राष्ट्र विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले जनवारी 2016 में भारत ने स्टार्टअप इंडिया के शुभारंभ के साथ यह महत्वकांक्षी यात्रा शुरू की थी। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व में तीसरी सबसे बड़ी स्टार्टअप व्यवस्था वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी स्टार्टअप उद्यम अभिनव हैं और उन सेक्टर में काम कर रहे हैं, जिनकी केवल दस वर्ष पहले कल्पना तक नहीं की गई थी। ये सेक्टर हैं- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, हरित हाइड्रोजन और जैव प्रौद्योगिकी।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मतदाता लोकतंत्र की आत्मा हैं। जब कभी एक युवा पहली बार देश का मतदाता बनता है तो पूरे पड़ोस, गांव या शहर को एकजुट होकर उसे बधाई देनी चाहिए और मिठाईयां बांटकर इस क्षण का उत्सव मनाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे मतदान के बारे में जागरुकता बढ़ेगी और यह भावना मजबूत होगी कि मतदाता बनना कितना महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने देश में मतदान प्रक्रिया में शामिल और लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर जीवंत रखने में कार्यरत सभी लोगों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं से 18 वर्ष का होने पर मतदाता के रूप में पंजीकृत होने का आग्रह किया।

कल होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह का उल्लेरख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का संविधान गणतंत्र दिवस पर ही अस्ति्त्वो मे आया। उन्होंिने कहा कि यह दिन संविधान के जनकों के प्रति आभार व्युक्त करने का अवसर देता है। तमसा नदी को नवजीवन देने वाले आजमगढ़ के लोगों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तमसा केवल एक नदी नहीं है, यह संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का निरंतर प्रवाह है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या से होकर गंगा में मिलने वाली यह नदी इस क्षेत्र के लोगों की जीवनधारा हुआ करती थी। प्रदूषण के कारण इसका प्रवाह बाधित हुआ। गाद, कचरा और गंदगी ने इस नदी के प्रवाह को रोक दिया था।

आंध्र प्रदेश के अनंतपुरम् से जलाभाव की ऐसी ही घटना साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रशासन के सहयोग से अनंत नीरु संरक्षणम् परियोजना शुरू की गई। इस प्रयास से दस से अधिक जलाशयों का पुनरुद्धार हुआ। अब ये जलाशय पानी से भरे हैं और आस-पास सात हजार से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे आजमगढ़ हो, अनंतपुर हो या देश में कोई अन्य स्थान लोगों का एकजुट होकर कर्तव्य भावना के साथ बड़े संकल्पों को साकार करना बहुत ही खुशी देता है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और समूहिकता की भावना इस देश की सबसे बड़ी शक्ति है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भजन और कीर्तन सदियों से भारतीय संस्कृति के आत्मा रहे हैं। आज के युवा ने इस भक्तिभाव को अपने अनुभव और जीवन शैली में शामिल किया है। इस सोच ने एक नई सांस्कृतिक रूझान को जन्म दिया है। यह रूझान भजन क्लबिंग कहा जा रहा है और विशेषकर जेन-ज़ी में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों में भजन की गरिमा और शुचिता को अक्षुण्ण देखना बहुत ही संतोषजनक है।

मलेशिया में अपनी संस्कृति को संरक्षित रखने और बढ़ावा देने में लगे भारतीय समुदाय का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वहां पांच सौ से अधिक तमिल विद्यालय हैं और तमिल भाषा के अलावा अन्य विषय भी वहां पढ़ाए जा रहे हैं। तेलुगु और पंजाबी भाष के साथ अन्य भारतीय भाषाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मलेशिया-इंडिया हेरिटेज सोसायटी ने पिछले महीने लाल पाड़ साड़ी ऐतिहासिक वॉक का आयोजन किया। इस साड़ी का बंगाल की संस्कृति से विशेष जुड़ाव है। यह मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। ओडिसी नृत्य और बाउल संगीत ने इस मौके पर लोगों का दिल जीता।

भारत की पारिवार व्यवस्था को परंपरा का अभिन्न अंग बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के बेचराजी में चंदनकी गांव की विशिष्ट परंपरा का उल्लेख किया। जहां पूरे गांव के लिए भोजन सामुदायिक रसोई में बनता है और लोग साथ बैठकर भोजन ग्रहण करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह परंपरा पिछले 15 वर्ष से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवार व्यवस्था विश्व के अनेक देशों में बहुत कौतुहल से देखी जाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मूर-कश्मीयर के अनंतनाग जिले के शेखगुंड गांव के मीर जाफर ने गांव में युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक, सबको, मादक पदार्थ, तंबाकू, सिगरेट और शराब के खिलाफ एकजुट किया। इस पहल का असर ऐसा था कि दुकानों में तंबाकू बिकना बंद हो गया और इससे इनके घातक असर के बारे में जन जागरूकता बढ़ी।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में फरीदपुर के विवेकानंद लोक शिक्षा निकेतन का उल्लेाख किया। यह शिक्षा निकेतन पिछले चार दशकों से बच्चोंय और बुजुर्गों की देखभाल कर रहा है। उन्होंकने कहा कि गुरुकुल प्रणाली के माध्यंम से शिक्षा उपलब्धख कराने और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ यह संगठन समाज कल्यापण के अनेक कार्यों में लगा है।

प्रधानमंत्री ने अरूणाचल प्रदेश में विभिन्ना जिलों में युवाओं द्वारा 11 लाख किलो से अधिक कचरे की सफाई का भी उल्लेेख किया। कूड़े-कचरे के पुन: चक्रण में उत्कृाष्टल कार्य करने वाली चेन्नेई की टीम की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने स्वेच्छटता के प्रति प्रयास और तेज करने पर बल दिया। उन्होंंने कहा कि ये प्रयास व्य्क्तिगत रूप से हों या एक टीम के रूप में, इनसे देश के शहर स्वीच्छा बनेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के कूच बिहार के बिनॉय दास की भी सराहना की, जिन्होंरने जिले को हरित जिला बनाने के लिए अकेले प्रयास किया। प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के पन्नाे जिले के जगदीश प्रसाद अहीरवार का भी जिक्र किया जिन्होंनने 125 से अधिक औषधीय पौधों की पहचान की। इनके फोटोग्राफ तथा इनके नाम, उपयोग और स्था नीय स्रोत के बारे में जानकारी एकत्र की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत देश में अब तक दो सौ करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

मोटे अनाज श्रीअन्न का उल्लेेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के कल्ल -कुरिची जिले में पेरियापलायम श्रीअन्नत एफ.पी.सी में आठ सौ महिला किसानों के समूह ने श्रीअन्ना प्रसंस्क‍रण इकाई स्थासपित की है और यह समूह श्रीअन्न से बने उत्पाकदों की सीधे बाजार में आपूर्ति कर रहा है। उन्हों्ने कहा कि राजस्थाान के रामसर में भी किसान श्रीअन्न से नई-नई चीजें बना रहे हैं। रामसर जैविक किसान उत्पा्दक कंपनी से जुड़े नौ सौ से अधिक किसान बाजरे से स्वादिष्ट लड्डू बनाने के काम में लगे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज अनेक मंदिरों में प्रसाद के रूप में केवल श्रीअन्नश का उपयोग हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंडिया ए.आई इंपैक्टस सम्मेालन अगले महीने आयोजित किया जा रहा है। इसमें आट्रिफिशियल इंटेलिजेंस जगत में भारत की प्रगति और उपलब्धियां दर्शाई जाएंगी।

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