असाधारण योगदान के लिए इस वर्ष भी देशभर से अनाम नायकों को पद्म श्री पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने पद्म श्री सम्मान के लिए 54 व्यक्तियों का चयन किया है।इस सूची में पश्चिम बंगाल से छह, तमिलनाडु से पांच और उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र से चार-चार व्यक्तियों को पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया है। असम, ओडिशा, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात से तीन-तीन व्यक्तियों को यह पुरस्कार दिया गया है। तेलंगाना, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ से दो-दो व्यक्तियों को पद्म श्री सम्मान मिला है। त्रिपुरा, पुद्दुचेरी, नगालैण्ड, मेघालय, मणिपुर, लद्दाख, केरल, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, बिहार और अरुणाचल प्रदेश से एक-एक व्यक्ति को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए चुना गया है।
पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त करने वालों में कर्नाटक से साहित्य और शिक्षा में आंके गौड़ा, महाराष्ट्र से चिकित्सा में आर्मिडा फर्नांडिज, असम से कला में भगवानदास रायकवार, छत्तीसगढ़ से चिकित्सा में रामचन्द्र और सुनीता गौडबोले, कृषि में उत्तर प्रदेश से रघुपत सिंह, महाराष्ट्र से कला में रघुवीर केहडकर, तमिलनाडु से कला में राजेशपत्ति कालियप्पा गौंडर, तेलंगाना से पशुपालन और डेयरी में रामा रेड्डी मामिडी, कर्नाटक से सामाजिक कार्य में एस० जी० सुशीलाम्मा, नागालैण्ड से कला में सांग्युसांग एस० पौंगनेर, जम्मू-कश्मीर से साहित्य और शिक्षा में शफी शौक, महाराष्ट्र से कृषि में श्रीरंग देवेबा लाड, ओडिशा से कला में सीमांचल पात्रो, कर्नाटक से चिकित्सा में सुरेश हनागावादेई, राजस्थान से कला में तागा राम भील, आंध्र प्रदेश से सामाजिक कार्य में तेची गुबिन, तमिलनाडु से कला में त्रिरूवारूर भक्तवासलम, मणिपुर से कला में यमनाम जात्रा सिंह शामिल हैं।
पद्म श्री पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों की सूची शीघ्र जारी की जाएगी। देश में पद्म पुरस्कार सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और गणतन्त्र दिवस के अवसर पर प्रति वर्ष घोषित किए जाते हैं।
सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने गंभीर, व्यक्तिगत कठिनाईयों और त्रासदियों से उभर कर अपने-अपने क्षेत्र में श्रेष्ठता हासिल की है और समाज में योगदान किया है। इस सूची में ऐसे डॉक्टर भी शामिल हैं जिन्होंने स्थानीय स्तर पर कठिनाईयों से जूझते हुए समाज सेवा की है। इसके अलावा एक नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ भी शामिल हैं, जिन्होंने भारत में पहली बार मानव दुग्ध बैंक की स्थापना की है।





