राष्ट्र आज 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर मुख्य समारोह में राष्ट्र का नेतृत्व करेंगी। परेड सुबह साढ़े दस बजे शुरू होगी।
गणतंत्र दिवस परेड भारत की सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का अनोखा संगम प्रदर्शित करेगी। इस वर्ष परेड़ की थीम – ‘स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम‘ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत‘ है। परेड की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने से होगी। इसके बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कर्तव्य पथ पर पहुंचेंगी और उन्हें औपचारिक मार्च पास्ट के दौरान सलामी दी जाएगी। परेड में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की कुल तीस झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। तीनों सेनाओं की संयुक्त झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर : संयुक्तता के माध्यम से विजय‘ विषय पर आधारित होगी, जो थल सेना, नौ सेना, वायु सेना की एकता और सामूहिक ताकत को दिखाएगी। पहली बार सेना द्वारा बैटल एरे फॉर्मेट भी प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों से लोगों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो लुई सांतोस दा कोस्ता और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गणतंत्र दिवस पर देशवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कामना की कि यह महान अवसर विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए नागरिकों में नई ऊर्जा और उत्साह संचित करेगा।





