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An administrative agreement was signed between MeitY of GoI and DG CONNECT of the European Commission.
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भारत सरकार के MeitY और यूरोपीय आयोग के DG CONNECT के बीच प्रशासनिक समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाय) और यूरोपीय आयोग के डायरेक्टर जेनरल फॉर कम्युनिकेशन नेटवर्क्स, कंटेंट एंड टेक्नोलॉजी (डीजी कनेक्ट) ने 27 जनवरी 2026 को एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर एंड सील्स पर एक प्रशासनिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते पर सचिव, एमईआईटीवाय (इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) और डायरेक्टर जेनरल, डीजी कनेक्ट द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग को एमईआईटीवाय द्वारा प्रमाणन प्राधिकारी नियंत्रक कार्यालय (सीसीए) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा। यह कार्यान्वयन सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के लागू प्रावधानों के अनुसार भारत के कानूनी और नियामक ढांचे के अनुरूप होगा, जो प्रमाणन प्राधिकारी नियंत्रक कार्यालय (सीसीए) द्वारा विनियमित स्थापित फ्रेमवर्क के भीतर कार्य करेगा।

यह व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर, इलेक्ट्रॉनिक सील्स और पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (पीकेआई) सिस्टम के इंटरऑपरेबिलिटी पर सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रदान करती है, जो भारत और यूरोपीय संघ के कानूनों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल ट्रांजैक्शन और व्यापार में सुरक्षित एवं विश्वसनीय इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर और सील के उपयोग को बढ़ावा देकर भारत-यूरोपीय संघ डिजिटल सहयोग को मजबूत करना है।

इस सहयोग के तहत, भारत और यूरोपीय संघ मान्यता प्राप्त सेवा प्रदाताओं की अपनी संबंधित ट्रस्टेड लिस्ट (विश्वसनीय सूचियों) को जोड़ने का इरादा रखते हैं, जिससे भारत और यूरोपीय संघ में जारी किए गए इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर और सील का क्रॉस-बॉर्डर उपयोग के लिए सत्यापन आसान हो जाएगा। यह व्यवस्था भविष्य में गहरे सहयोग की नींव रखती है।

भारतीय निर्यातक और यूरोपीय संघ के खरीदार अब बिना किसी कागजी कार्रवाई या कूरियर की देरी के, विश्वसनीय इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर का उपयोग करके कॉन्ट्रैक्ट, इनवॉइस और कंप्लायंस डॉक्यूमेंट पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर सकेंगे। इससे क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड के लिए ट्रांजैक्शन के समय, लागत और सत्यापन के प्रयासों में कमी आएगी, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए। यह दोनों पक्षों के दस्तावेजों के तेजी से सत्यापन को सक्षम बनाकर भारत-यूरोपीय संघ डिजिटल व्यापार में विश्वास और कानूनी निश्चितता को भी बढ़ाएगा।

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