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Railway Minister Ashwini Vaishnaw flagged off new passenger train services between New Delhi and Sairang in Mizoram and Silchar in Assam.
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली से मिजोरम के सैरांग और असम के सिल्‍चर के बीच नई पैसेंजर ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असम के गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर ब्लेंडेड हॉस्पिटैलिटी सेवाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने सैरांग और सिलचर के बीच नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा; सिलचर से सांसद परिमल सुकलाबैद्य; राज्यसभा सदस्य कनाद पुरकायस्थ; और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

सैरांग – सिलचर पैसेंजर रेलगाड़ी मिजोरम की राजधानी को असम की बराक घाटी से सीधे जोड़ेगी। इससे क्षेत्रीय एकीकरण में सुधार होगा और विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों और मरीजों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा मिलेगी।

इसी समय, गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर आधुनिक हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं यात्रियों के आराम को बढ़ाएंगी और बेहतर, स्वच्छ और ग्राहक-अनुकूल यात्रा का अनुभव देंगे। इन सेवाओं में स्लीपिंग पॉड्स, आधुनिक एयर-कंडीशन्ड लाउंज और मल्टी-कुज़ीन रेस्टोरेंट शामिल हैं। ये सुविधाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक माहौल मिले, जिससे स्टेशन की कुल उपयोगिता बेहतर होगी।

इस अवसर पर संबोधन में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र के लिए रेल फंडिंग में काफी बढ़ोतरी की है। इसमें उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹11,486 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग ₹72,468 करोड़ की परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं, जो संपर्क सुविधा और अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास को दिखाती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह फोकस प्रधानमंत्री के इस विश्वास को दर्शाता है कि पूर्वोत्तर का विकास “विकसित भारत” के लिए ज़रूरी है और हर क्षेत्र को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि रेल संपर्क न केवल यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाता है, बल्कि आर्थिक गतिविधि को भी बढ़ावा देता है। इससे सामान की आवाजाही आसान होती है, व्यापार को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय उत्पादों के लिए बाज़ार खुलते हैं।

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बैराबी-सैरंग रेलवे लाइन मिजोरम की राजधानी को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ती है। इस बढ़े हुए फोकस के तहत पूरी की गई यह ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण परियोजना रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए इस रेल लिंक को अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं के साथ और बेहतर बनाया जाएगा, जिससे मिजोरम से असम और उससे आगे का संपर्क बेहतर होगा।

उन्होंने बताया कि सैरंग और सिलचर के बीच नई यात्री रेलगाड़ी सेवा क्षेत्रीय एकीकरण में काफी सुधार करेगी। इससे दक्षिणी असम, मिजोरम और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों के निवासियों को फायदा होगा।

लालदुहोमा ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मिजोरम और असम को जोड़ने वाली विभिन्न रेल परियोजनाओं और प्रयासों की जानकारी दी, जिनसे इस क्षेत्र को फायदा होगा।

पिछले एक दशक में, पूर्वोत्तर का रेलवे मानचित्र तेज़ी से बदला है, लंबे समय से अटकी परियोजनाएँ पूरी हुई हैं और राज्यों की राजधानियाँ धीरे-धीरे राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ रही हैं। पिछले वर्ष मिजोरम की 51 किमी लंबी बैराबी-सैरंग ब्रॉड-गेज लाइन शुरू होने से आइजोल पहली बार भारत के रेल मानचित्र पर आया, और अब सिलचर तक यात्री सेवाओं के विस्तार से यह संपर्क सुविधा और आगे बढ़ी है। इससे पूरे क्षेत्र में आवाजाही बेहतर होगी और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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