अमरीका के राष्ट्रपति डॅानल्ड ट्रम्प ने ईरान इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी कोर का मुख्यालय नष्ट करने की पुष्टि की है। उन्होंने ईरान के 9 नौसैनिक जहाज़ों का खात्मा करने का भी दावा किया है।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के बाकी नौसैनिक जहाज़ों को भी जल्द ही नष्ट कर दिेया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के नौसैनिक मुख्यालय को भी काफी हद तक नष्ट कर दिया गया है। उधर, इस्राएल की सेना ने ईरान के दर्जनों सैन्य कमान केंद्रों पर हमले किए हैं। इनमें इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड् कॉर्प्स, खुफिया मुख्यालय, वायु सेना कमान सेंटर और आंतरिक सुरक्षा मुख्यालय शामिल हैं। इस्राएल ने कहा कि इन केंद्रों के नष्ट होने से ईरान की क्षमता को बड़ा झटका लगा है।
वहीं, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान के मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। तीनों देशों ने एक बयान में अमरीका के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। इन देशों ने कहा है कि वे अमरीका तथा सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करने पर सहमत हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने ईरान पर हमले के लिए अमरीका को ब्रिटेन के अड्डे इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। अमरीका ने सीमित रक्षात्मक उद्देश्य से लिए ब्रिटिश ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति मांगी है। हमने इस अनुरोध को स्वीकार करने का निर्णय लिया है, ताकि ईरान को पूरे क्षेत्र में मिसाइलें दागने, निर्दोष नागरिकों को मारने, ब्रिटिश नागरिकों की जान जोखिम में डालने और उन देशों पर हमला करने से रोका जा सके जो इसमें शामिल नहीं रहे हैं।
इस बीच, ब्रिटेन ने कतर की ओर बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया है।





