ईरान पर इज़राइल-अमरीका की संयुक्त सेनाओं के मिसाइल हमले से पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हुआ
ईरान और इस्राएल-अमरीका के मिसाइल और ड्रोन हमलों से पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ गया है। ईरान और इसके समर्थित मिलिशिया ने इस्राएल तथा खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले किए है। वहीं, इस्राएल और अमरीका ने ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा है कि वे ईरान के हमलों का मुकाबला करने के लिए अमरीका के साथ हैं।
बढ़ते तनाव के बीच ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा है कि उनका देश अमरीका के साथ बातचीत नहीं करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हाल ही में हुए अमरीकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है।
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमरीका कुवैत में मारे गए अपने तीन सैनिकों की मौत का बदला लेगा। एक सोशल मीडिया पोस्ट में, डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के नौ युद्धपोत डूब गए हैं और नौसेना का मुख्यालय भी काफी नष्ट हो गया है।
उधर, इस्राएल ने बेरूत पर जवाबी कार्रवाई की। इस हमले में 31 लोग मारे गये। आज इस्राएल की वायु सेना ने अपने क्षेत्र में ईरान की ओर से मिसाइलें दागे जाने की सूचना दी। ईरान ने दावा किया है कि कुवैत में अमरीका का एफ-15 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।





