पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज ईरान और अमरीका–इस्राएल ने मिसाइल तथा ड्रोन से नए हमले शुरू किए
पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज हो गया है। ईरान और इस्राएल-अमरीका ने नए मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान समर्थित मिलिशिया ने संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन सहित खाड़ी देशों में अमरीकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस्राएल और अमरीका ने ईरान के सैन्य और खुफिया ठिकानों सहित दर्जनों ठिकानों पर हमले किए हैं।
इस बीच, अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनका उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसकी नौसेना को समाप्त करना और यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। एक निजी मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में, डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में अभी ‘बड़ी कार्रवाई‘ बाकी है। साथ ही डॉनल्ड ट्रम्प ने आवश्यकता पड़ने पर ईरान में अमरीकी सेना भेजने की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि सेना की ओर से अभी सबसे बड़ा हमला होना बाकी है।
डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान में अभियान चार से पांच सप्ताह तक चल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इसे और भी लंबा किया जा सकता है। डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष में अभी बड़ा हमला होना बाकी है। इस बीच कतर की रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु सेना ने ईरान के दो सुखोई एसयू-24 लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपने रास तनुरा तेल रिफाइनरी को निशाना बनाने वाले ड्रोन को रोका। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा है कि वह ईरान के हमलों का मुकाबला करने के लिए अमरीका का सहयोग करने के लिए तैयार है।





