भारत के पास 25 दिनों का क्रूड ऑयल, 25 दिनों का पेट्रोल और डीज़ल का स्टॉक है। भारत के पास कुल 8 हफ़्ते का क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का स्टॉक है। भारत का सिर्फ़ 40% क्रूड होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाता है, और बाकी 60% क्रूड दूसरे सोर्स से आता है। भारत पिछले कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से रूस से क्रूड इम्पोर्ट करना जारी रखे हुए है। एनर्जी सिक्योरिटी, LPG और LNG के मामले में भारत अच्छी स्थिति में है। सरकार मिडिल ईस्ट में बदलते हालात पर कड़ी नज़र रख रही है।
मध्य पूर्व में उथल-पुथल की स्थिति और वैश्विक ऊर्जा स्थिति में हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने मौजूदा परिस्थितियों में देश की तैयारियों के बारे में मीडिया को अवगत कराया।
जानकारी के अनुसार-भारत वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों का तीसरा सबसे बड़ा आयातक, चौथा सबसे बड़ा शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। देश में कच्चे तेल और पेट्रोल, डीजल और एटीएफ सहित प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है, जिससे मध्य पूर्व से उत्पन्न होने वाली अल्पकालिक समस्याओं का निदान किया जा सके।
यह भी बताया गया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर अपनी आबादी के लिए ऊर्जा की उपलब्धता और सामर्थ्य सुनिश्चित की है। भारतीय ऊर्जा कंपनियों के पास अब ऐसे ऊर्जा स्रोतों तक पहुंच है जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुजरते। ऐसे कार्गो उपलब्ध रहेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के दौरान आपूर्ति में अस्थायी रूप से होने वाली रुकावटों को दूर करने में मदद करेंगे।
देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और स्टॉक की स्थिति पर लगातार नज़र रखने के लिए मंत्रालय ने 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। वर्तमान में, सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है। भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार निगरानी के आधार पर, सरकार को उम्मीद है कि यदि आवश्यक हुआ तो स्थिति को और सुधारने के लिए चरणबद्ध तरीके अपनाए जा सकते हैं।





