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Vice President C.P. Radhakrishnan addressed the 14th Convocation of Tripura University
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त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने संबोधित किया

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगरतला में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और युवा स्नातकों से उद्देश्य के साथ प्रगति करने, नशे से दूर रहने और समाज और राष्ट्र के लाभ के लिए जिम्मेदारी से प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज के युवा एक ऐतिहासिक क्षण में खड़े हैं जब भारत 2047 के विकसित भारत के विजन को साकार कर रहा है। प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने छात्रों से इसका सकारात्मक और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने का आग्रह किया और कहा कि समाज और मानवता की उन्नति के लिए ‘‘उद्देश्यपूर्ण प्रगति’’ आवश्यक है।

उपराष्ट्रपति ने त्रिपुरा को संस्कृति और विरासत से समृद्ध राज्य बताया। दिन में पहले त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस क्षेत्र के गहन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

उपराष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से शुरू की गई विकास पहलों की सराहना की। माता बारी पर्यटन सर्किट का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि यह परियोजना रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ आध्यात्मिक और पर्यावरण-पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर त्रिपुरा की स्थिति को मजबूत करेगी।

पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से जोड़ने में कनेक्टिविटी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी सहित बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन विकासों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना के अनुरूप इस क्षेत्र के लोगों को देश के शेष भाग के करीब लाया है।

छात्रों को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित भाव से प्रोत्साहित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने भारत की विविधता में एकता के महत्व पर जोर दिया। प्रसिद्ध तमिल कवि सुब्रमणिया भारतीयार को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक राष्ट्र का संरक्षक है और सामूहिक प्रयास और एकता ही देश को और अधिक उपलब्धियों की ओर ले जाएगी।

त्रिपुरा विश्वविद्यालय की प्रगति की प्रशंसा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के एक जीवंत केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों, वित्त पोषित परियोजनाओं और बौद्धिक संपदा पहलों की बढ़ती संख्या का उल्लेख किया, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं।

उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के संकाय विकास केंद्र भवन और आवासीय परिसर का डिजिटल रूप से उद्घाटन भी किया।

दीक्षांत समारोह में त्रिपुरा के राज्यपाल और त्रिपुरा विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर इंद्रसेना रेड्डी नल्लू; त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा; त्रिपुरा के मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा; त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्यामलाल दास; विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर समीर कुमार सिल, संकाय सदस्यों, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और स्नातक छात्रों के साथ उपस्थित रहे।

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