भारत ने पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर ईरान को ऊर्जा और वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति के महत्व पर जोर दिया
भारत ने पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर ईरान को ऊर्जा और वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति के महत्व पर जोर दिया है। पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालीय संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जासवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल शाम ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन से बात की तथा ईरान सहित क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को भारत की प्रथमिकता बताया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सभी मुद्दों को संवाद और कूटनीति से हल करने के अपने रूख पर कायम है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय में स्थापित नियंत्राण कक्ष तेज गति से काम कर रहा है और अब तक नौ सौ फोन कॉल और 200 ईमेल प्राप्त हुए है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में भारतीय ध्वज वाले 24 जहाज हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में भारतीय ध्वज वाले तीन जहाज है।
पेट्रालियम और प्रकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है। उनहोंने कहा कि सभी रिफाइनरियां अपनी शत-प्रतिशत क्षमता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि घरेलू पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की बिना किसी बाधा के शत प्रतिशत आपूर्ति की जाएगी।





