भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (आईडीएआई) ने मैपमाईइंडिया के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत आने वाले महीनों में उनके मैपल्स ऐप पर अधिकृत आधार केंद्रों को प्रदर्शित किया जा सकेगा। यह कदम निवासियों के लिए सुविधा बढ़ाएगा।
इस कदम से लोगों को अधिकृत आधार केंद्रों की पहचान करने और उन तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, निवासियों को दी जाने वाली वयस्क नामांकन, बाल नामांकन या केवल पता और मोबाइल नंबर अपडेट करने जैसी सेवाओं की प्रकृति के आधार पर आधार केंद्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
इस सहयोग का उद्देश्य जनसुविधा को बढ़ाना, गलत सूचनाओं से बचना और यह सुनिश्चित करना है कि निवासियों को देशभर में अत्याधुनिक आधार सेवा केंद्रों (एएसके) और अन्य आधार केंद्रों तक निर्बाध पहुंच प्राप्त हो। इस समझौते पर 1 अप्रैल, 2026 को हस्ताक्षर किए गए।
यूआईडीएआई के सीईओ श्री भुवनेश कुमार ने कहा, “यूआईडीएआई की सेवाओं के मध्य में हमेशा निवासी रहे हैं। इस तरह के सहयोग से पूरे भारत में सत्यापित आधार केंद्रों की डिजिटल मैपिंग संभव हो सकेगी और लोगों को अधिकृत आधार केंद्र सरलता से खोजने में मदद मिलेगी।”
अगले कुछ महीनों में इसके लागू होने के बाद, यह सुनिश्चित होगा कि जब उपयोगकर्ता मैपल्स ऐप पर खोज करें, तो उन्हें अधिकृत आधार केंद्रों की ओर निर्देशित किया जाए। मैपमाईइंडिया, यूआईडीएआई द्वारा प्रदान की गई आधार केंद्र जानकारी को मैपल्स प्लेटफॉर्म में एकीकृत करेगा और आधार केंद्रों का सटीक प्रतिनिधित्व, डिजिटल मैपिंग और अलग-अलग सूची सुनिश्चित करेगा।
मैपमाईइंडिया के सह-संस्थापक और सीएमडी राकेश वर्मा ने कहा, “यूआईडीएआई की सेवा करना और मैपल्स ऐप के माध्यम से लोगों को आधार केंद्रों तक सुगम पहुंच प्रदान करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”





