FIU-इंडिया) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14सी) ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एक व्यापक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों के विरूद्ध भारत की लड़ाई सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वित्तीय खुफिया इकाई-भारत (एफआईयू-इंडिया) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14सी) ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एक व्यापक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौता ज्ञापन पर एफआईयू-आईएनडी के निदेशक अमित मोहन गोविल और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14सी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने हस्ताक्षर किए। यह भारत में साइबर धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों के विरूद्ध लड़ाई में अग्रणी दो एजेंसियों के बीच सहयोगात्मक खुफिया जानकारी साझा करने के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
यह सहयोग ऐसे समय में हुआ है जब भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में अत्यधिक बदलाव आया है, जिसके चलते नागरिकों को साइबर अपराध और धोखाधड़ी से बचाने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। यह समझौता ज्ञापन दोनों एजेंसियों को प्रचालनगत जानकारी विकसित करने और जांच एजेंसियों को वित्तीय अपराधों को रोकने, डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा करने और परिसंपत्ति की वसूली करने में सहायता प्रदान करेगा।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों एजेंसियों को राष्ट्रीय स्तर पर धोखाधड़ी का पता लगाने के प्रोटोकॉल को बेहतर बनाने के लिए सशक्त प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने में सक्षम बनाना है, साथ ही वित्तीय संस्थानों को साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए दिशा-निर्देश और चेतावनी संकेतक विकसित करने एवं प्रसारित करने में सुविधा प्रदान करना है। साइबर अपराध के विरूद्ध लड़ाई में “समग्र सरकारी” दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत की वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू-इंडिया)
एफआईयू-इंडिया एक केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है जो संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, संसाधित करने, विश्लेषण करने और प्रसारित करने तथा मनी लॉन्ड्रिंग एवं आतंकवाद के वित्तपोषण के विरूद्ध प्रयासों के समन्वय के लिए उत्तरदायी है।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (14C) के बारे में
14सी गृह मंत्रालय का एक संबद्ध कार्यालय है जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) को साइबर अपराध से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक ढांचा और इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है। 14सी ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी), साइबर-पुलिस, संदिग्ध रजिस्ट्री आदि जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए), बैंकों और वित्तीय संस्थानों सहित विभिन्न हितधारकों के बीच वास्तविक समय में खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वय स्थापित करने के लिए सुरक्षित प्लेटफॉर्म हैं। इनका उद्देश्य दूरसंचार, बैंकिंग और अन्य संबंधित संसाधनों के दुरुपयोग के विरूद्ध सक्रिय कार्रवाई को सक्षम बनाकर साइबर अपराधों, जिनमें ऑनलाइन वित्तीय अपराध भी शामिल हैं, का मुकाबला करना है।





