पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कतर के ऊर्जा कार्य राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के अध्यक्ष तथा सीईओ साद शेरिदा अल-काबी से मुलाकात की
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर 9 अप्रैल की दोपहर को कतर में दोहा पहुंचे। शाम को उन्होंने कतर के ऊर्जा कार्य राज्य मंत्री और कतर एनर्जी के अध्यक्ष तथा सीईओ साद शेरिदा अल-काबी से मुलाकात की।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से कतर के आमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और कतर के प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी को शुभकामनाएं और एकजुटता एवं सहयोग का संदेश दिया।
हरदीप सिंह पुरी ने युद्ध शुरू होने के बाद मार्च 2026 में प्रधानमंत्री मोदी और कतर के आमीर के बीच हुई दो टेलीफोन वार्ताओं को याद किया, जिनमें दोनों नेताओं ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को कतर सरकार की ओर से देखभाल और सहयोग के लिए आमीर के प्रति आभार व्यक्त किया था।
दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की, जिनमें उच्च स्तरीय बैठकें, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संस्कृति और दोनों देशों के बीच जन-संपर्क शामिल हैं। उन्होंने क्षेत्र में शीघ्र शांति और स्थिरता की बहाली और भारत तथा कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की आशा व्यक्त की।
कतर के मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने एक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बने रहने के लिए कतर देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि की और भारत के साथ ऊर्जा संबंधों और सहयोग को जारी रखने तथा उसे और मजबूत करने की उम्मीद जताई।
दोनों मंत्रियों ने अमेरिका और इरान के बीच 8 अप्रैल को हुए दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते का स्वागत किया। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान को जल्द से जल्द समाप्त करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के महत्व पर बल दिया। इस संदर्भ में, उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने के लिए निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार प्रवाह की आवश्यकता पर बल दिया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कतर के ऊर्जा कार्य राज्य मंत्री काबी को उनकी मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया। दोनों मंत्रियों ने आने वाले दिनों में नियमित संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की।





