राष्ट्र आज समाज सुधारक और महान जनसेवक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। 1827 में आज ही के दिन जन्मे महात्मा फुले ने अपनी पत्नी सावित्री फुले के साथ मिलकर महिला शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। इसके साथ ही उन्होंने जाति व्यवस्था और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए संघर्ष किया।
ज्योतिराव गोविंदराव फुले जिन्हें महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम से जाना जाता है। एक दूरदर्शी समाज सुधारक जिन्होंने भारत में कठोर जाति व्यवस्था को चुनौती देने और महिलाओं और हाशिये पर पड़े समुदायों के लिए शिक्षा और समानता के समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के पुणे में एक निम्न जाति के माली परिवार में हुआ था। 1873 में उन्होंने महिलाओं, दलितों और शूद्र सहित शोषित समुदायों के अधिकारियों के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना की। ज्योतिबा फुले के विचारधारा, समानता, न्याय और तर्क बात पर आधारित थी। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण के लिए उनके अथक प्रयासों ने भारतीय समाज पर अमिट छाप छोड़ी है।





