भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लद्दाख पहुंच गए हैं, जहां अगले महीने की पहली तारीख से 15 तारीख तक इनका प्रदर्शन किया जाएगा। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षा बलों के साथ वायुसेना हवाई अड्डे पर अवशेषों का स्वागत किया।
भगवान बुद्ध की पवित्र अवशेषों को आज कड़ी सुरक्षा के बीच वायु सेना के विशेष विमान के जरिए लाया गया। हवाई अड्डे से इन अवशेषों को एक विशेष फ्लैट बेड ट्रक के माध्यम से जीवात्शल तक ले जाया गया। पवित्र अवशेषों को प्राप्त करने के बाद मीडिया से बात करते हुए लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है। खासकर बौद्ध धर्म के अनुयायियों और लद्दाख के लोगों के लिए। श्री सक्सेना ने कहा कि प्रदर्शनी को एक मई से बुद्ध पूर्णिमा के दिन आम जनता के लिए खोला जाएगा।
पहली मई जो बुद्ध पूर्णिमा का दिन है उस दिन उनको जो है पब्लिकली खोला जाएगा। ये दिन 20 पूर्णिमा का दिन हैउ से दिन देश में पहली दफा ऐसा हुआ है कि जब बुद्धा के होली रेलिक्स को देश में कहीं पर भी एक्सपोजिशन के लिए लाया गया है।
यह अवशेष भगवान बुद्ध की जीवंत उपस्थिति और उनके सार्वभौमिक उपदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनका प्रदर्शन केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत को बढ़ावा देने का एक प्रयास भी है। यह प्रदर्शनी 11 और 12 तारीख को ज़ांस्कर भी जाएगी। इसके बाद 14 तारीख को लेह में समापन समारोह होगा और 15 तारीख को अवशेष वापस लौट जाएंगे।





