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Union Communications Minister Jyotiraditya M. Scindia inaugurated the 100th N-Gen Post Office at North Eastern Hill University (NEHU), Shillong.
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केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय (NEHU), शिलांग में 100वें एन-जेन (N-Gen) डाकघर का उद्घाटन किया

केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास (डीओएनईआर) मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने पूर्वोत्तर पर्वतीय विश्वविद्यालय (एनईएचयू), शिलांग में इंडिया पोस्ट के 100वें एन-जेन (N-Gen) डाकघर का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस उन्नत सुविधा को एक आधुनिक, युवा-केंद्रित डाक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जिसे विश्वविद्यालय परिसर के छात्रों, संकाय सदस्यों और निवासियों की सेवा के लिए डिजाइन किया गया है।

एन-जेन (N-Gen) डाकघर पहल इंडिया पोस्ट के एक आधुनिक, युवा-केंद्रित सेवा नेटवर्क में परिवर्तन को दर्शाती है। इन उन्नत डाकघरों को शैक्षणिक संस्थानों के भीतर स्थापित किया जा रहा है ताकि छात्रों, संकाय सदस्यों और स्थानीय निवासियों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाएं प्रदान की जा सकें। यह डाक सेवाओं तथा आपस में एक-दूसरे के साथ अधिक गहन जुड़ाव को प्रोत्साहित करते हैं।

ये डाकघर मुफ्त वाई-फाई, क्यूआर कोड आधारित बुकिंग और भुगतान प्रणाली, छात्रों के लिए समर्पित सेवा काउंटर और रियायती पार्सल एवं डाक सेवाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं को एकीकृत करते हैं। इसके साथ ही, ये पत्र लेखन की स्थायी पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करने और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने का भी कार्य करते हैं। इस पहल को छात्रों द्वारा व्यापक रूप से अपनाया गया है, जिनकी सक्रिय भागीदारी ने न केवल इन केंद्रों को एक नया स्वरूप दिया है, बल्कि इसे नई पीढ़ी तक पहुँचने का एक सफल और प्रभावशाली माध्यम भी बना दिया है।

उद्घाटन के दौरान छात्रों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इंडिया पोस्ट भारत के विकास पथ के साथ आगे बढ़ रहा है और एक युवा व प्रगतिशील राष्ट्र की आकांक्षाओं के अनुरूप विकसित हो रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एन-जेन (N-Gen) पहल पारंपरिक डाक स्थानों को जीवंत, युवा-केंद्रित और डिजिटल रूप से सक्षम सेवा केंद्रों में बदलने के एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

एन-जेन (N-Gen) पहल ने अब पूरे देश को कवर कर लिया है, जिसके तहत आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ-साथ उत्तर-पूर्व के संस्थानों में भी डाकघरों का कायाकल्प किया गया है। इस यात्रा को याद करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो अभियान मात्र 6 महीने पहले दिल्ली में आईआईअी हौज खास डाकघर के नवीनीकरण के साथ शुरू हुआ था, वह अब 100वें एन-जेन डाकघर के उद्घाटन के साथ एक प्रमुख पड़ाव तक पहुँच गया है। उन्होंने इसे ‘परिवर्तन और भागीदारी की एक सुंदर यात्रा’ के रूप में वर्णित किया।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि यह परियोजना “छात्रों द्वारा, छात्रों के लिए और छात्रों की” भावना को साकार करती है, जिसमें डिजाइन, कलाकृति और जनसंपर्क में छात्रों की सक्रिय भागीदारी शामिल है। एनईएचयू में, छात्रों ने डाकघर की कलाकृति और उसकी विज़ुअल पहचान में अपना योगदान दिया है, जिससे यह वास्तव में एक साझा प्रयास और सामूहिक पहचान वाला स्थान बन गया है।

फोर्थ ईयर की छात्रा शायंतिका नंदी ने अपने सहपाठियों के साथ डिजाइन टीम का हिस्सा बनने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वे इस डाकघर को ‘नेक्स्ट-जेनरेशन’ थीम के साथ नया रूप देने में सफल रहे। उन्होंने आगे कहा कि यह कॉन्सेप्ट शिलांग के जीवंत संगीत परिदृश्य के साथ गहरा मेल खाती है, जिसे अक्सर ‘भारत की रॉक राजधानी’ माना जाता है। उन्होंने इस अनुभव को एक रोमांचक और सार्थक पहल बताया जिससे जुड़ना उनके लिए गर्व की बात है। वहीं आर्किटेक्चर विभाग की फर्स्ट ईयर की छात्रा स्नेहा दास ने कहा कि इस नए बदलाव ने डाकघर को एक जीवंत और आकर्षक स्थान बना दिया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह वहाँ अपने दोस्तों के साथ खेल, संगीत और बिताए जा रहे समय का भरपूर आनंद ले रही हैं।

एनईएचयू सुविधा की अनूठी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि यह पूर्णतः महिलाओं द्वारा संचालित डाकघर है, जो ‘मातृशक्ति’ के सामर्थ्य को दर्शाता है और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करता है। यह डाकघर बांस और पुआल जैसी स्थानीय रूप से प्राप्त स्वदेशी सामग्रियों का उपयोग करते हुए एक खूबसूरती से तैयार किया गया स्थान है जो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ मेघालय के सांस्कृतिक लोकाचार में रचा-बसा है।

ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और आधुनिकीकरण, डिजिटल समावेश तथा नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस पर उनके निरंतर ध्यान के लिए आभार व्यक्त किया, जिसके तहत इंडिया पोस्ट एक आधुनिक सेवा और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के रूप में विकसित हो रहा है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ, विभाग देश भर में एन-जेन (N-Gen) सुधारों के विस्तार की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि डाक सेवाएं सुलभ, प्रासंगिक और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप बनी रहें।

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