प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की छह दिन की यात्रा पर रवाना होंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार से पांच देशों की यात्रा पर रवाना होंगे। पहले चरण में वे शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात पहुंचेंगे और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार विमर्श करेंगे। विशेष रूप से ऊर्जा सहयोग तथा परस्पर हित के क्षेत्रीय और अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत होगी। द्विपक्षीय कार्यनीतिक साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विचार विमर्श होगा।
यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री शुक्रवार को ही नीदरलैंड्स पहुंचेंगे। इससे पहले उन्होंने 2017 में नीदरलैंड्स की यात्रा की थी। प्रधानमंत्री मोदी नरेश विलेम अलेक्जेंडर और महारानी मैंक्सिमा से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से भी उनकी बातचीत होगी। प्रधानमंत्री की यात्रा से नीदरलैंड्स के साथ संबंधों को नई गति मिलेगी।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी रविवार को स्वीडन की यात्रा पर गोथनबर्ग पहुंचेंगे। वहां स्वीडन के प्रधानमंत्री अल्फ क्रिस्टर्सन के साथ बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की जाएगी तथा व्यापार और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए उपाय तलाशे जाएंगे। दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीस आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लियेन के साथ उद्योग जगत प्रमुखो को संबोधित करेंगे।
यात्रा के चौथे चरण में प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को नॉर्वे पहुंचेंगे। वे तीसरे भारत- नॉर्वे शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली नॉर्वे यात्रा होगी। पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की भी यह पहली नॉर्वे यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे नरेश हेराल्ड पंचम और महारानी सोन्जा से मिलेंगे और प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी इस महीने की 19 तारीख से इटली की आधिकारिक यात्रा पर होंगे। वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनकी व्यापक बातचीत होगी।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा से यूरोप के साथ भारत की साझेदारी मजबूत होगी। विशेषकर व्यापार और हाल में हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद निवेश संबंध बढ़ेंगे।





