राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में हुए समारोह में 15 पुरस्कृत व्यक्तियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 प्रदान किए
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर नर्सिंग कर्मियों को वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार- 2026 के लिए अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि यह अवसर उन नर्सिंग कर्मियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के अमूल्य योगदान को यथोचित सम्मान है जो करुणा और अथक समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा करते हैं। नर्सिंग कर्मी सेवा के उच्चतम मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और अक्सर सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैं सभी पुरस्कार विजेताओं को कर्तव्य के प्रति उनकी प्रेरणादायक निष्ठा और रोगी देखभाल के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई देती हूं।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1973 में भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समाज को नर्सिंग कर्मियों द्वारा प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं की मान्यता के प्रतीक के रूप में की गई थी।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से स्थापित किया गया है। यह पुरस्कार नर्सिंग पेशे में निष्ठा, करुणा और दृढ़ता के सम्मान में प्रदान किया जाता है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वयंसेवी संगठनों में कार्यरत पंजीकृत नर्सों, प्रसूति सहायिकाओं, सहायक नर्स प्रसूति सहायिकाओं और महिला स्वास्थ्य परिचारिकाओं को प्रदान किए जाते हैं। प्रत्येक पुरस्कार में एक प्रशस्ति पत्र, 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्कार और एक पदक शामिल है जो इन स्वास्थ्य योद्धाओं की अमूल्य सेवा के लिए राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है।





