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Union Minister Jyotiraditya M. Scindia launched the ₹236 crore Tripura Queen Pineapple Mission.
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 236 करोड़ रुपये के त्रिपुरा क्वीन पाइनएप्पल मिशन का शुभारंभ किया

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (एमडीओएनईआर) ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर “मिशन क्वीन पाइनएप्पल” का शुभारंभ किया। यह 236 करोड़ रुपये की समन्‍वय-आधारित पहल है, जिसका उद्देश्य त्रिपुरा में अनन्नास की खेती और उससे जुड़ी मूल्‍य श्रृंखला का विकास करना है। यह मिशन त्रिपुरा की विशिष्ट पहचान— जीआई-टैग प्राप्त क्वीन पाइनएप्पल को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही से लेकर वित्त वर्ष 2028 की चौथी तिमाही तक की तीन-वर्षीय कार्यान्वयन रूपरेखा के रूप में तैयार किया गया है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के नेतृत्व में यह मिशन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई, एपीडा, डीपीआईआईटी, आईसीएआर, सीएसआईआर, ट्राइफेड, नेरामाक तथा त्रिपुरा सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहलों के समन्वय पर आधारित है। इसका उद्देश्य राज्य में अनन्नास के लिए एक एकीकृत मूल्‍य श्रृंखला इकोसिस्टम की स्थापना करना है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के पूर्वोत्तर क्षेत्र को उच्च-मूल्य कृषि एवं बागवानी उत्पादों के केंद्र के रूप में विकसित करने के विज़न पर जोर दिया।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आभासी रूप से जुड़े अनन्नास किसानों, प्रोसेसर्स और निवेशकों सहित हितधारकों को संबोधित करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के विज़न के तहत त्रिपुरा की खेती की ताकत को वैश्विक स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धी ब्रांड्स में परिवर्तित किया जा रहा है।”

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि उद्देश्य केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को उत्पादन और संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक पूरी मूल्‍य श्रृंखला में सक्रिय भागीदार बनाना है।

मिशन के व्यापक दृष्टिकोण पर बल देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “हमारा लक्ष्य खेतों से लेकर वैश्विक बाजारों तक एक संपूर्ण मूल्‍य श्रृंखला का निर्माण करना है, ताकि किसान अपने उत्पाद से उत्पन्न समृद्धि में सक्रिय भागीदार बन सकें।”

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि त्रिपुरा क्वीन पाइनएप्पल अपनी विशिष्ट सुगंध, कम रेशेदार बनावट और जीआई -प्रमाणित पहचान के कारण खास स्थान रखता है, लेकिन कमजोर बाज़ार एकीकरण और अपर्याप्त बुनियादी ढाँचे के कारण किसानों को अब भी सामान्य वस्तु के समान ही कीमतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्‍य समन्‍वय-आधारित निवेशों और बाज़ार-उन्मुख हस्तक्षेपों के माध्यम से इस अंतर को दूर करने का प्रयास करना है, जिससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।

मिशन के अंतर्गत प्रमुख अवसंरचना घटकों के बारे में जानकारी देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत “हब एंड स्पोक” अनन्नास कटाई के बाद का एकीकृत इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा। इसमें अगरतला हवाई अड्डे के निकट एक सेंट्रल हब तथा पश्चिम त्रिपुरा, खोवाई और सेपाहिजाला जिलों के प्रमुख अनन्नास उगाने वाले क्लस्टरों में आठ स्पोक कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इस अवसंरचना में ग्रेडिंग सुविधाएं, कोल्ड स्टोरेज, रीफर लॉजिस्टिक्स, सोलर कोल्ड स्टोरेज, आईओटी -सक्षम फार्म मॉनिटरिंग तथा डिजिटल ट्रेसबिलिटी सिस्टम शामिल होंगे।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने बताया कि नलकाटा पाइनएप्पल प्रोसेसिंग यूनिट को व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) मॉडल के माध्यम से फिर से शुरू किया जाएगा। इस परियोजना को नेरामाक द्वारा निजी भागीदारों के सहयोग से लागू किया जाएगा। यह सुविधा अनन्नास आधारित उत्पादों के व्यावसायिक स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्‍य वर्धन में मदद करेगी।

मिशन की बायो-इकोनॉमी रणनीति का उल्लेख करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अनन्नास पौधे का लगभग 60 प्रतिशत, जिसे अब तक अपशिष्ट के रूप में फेंक दिया जाता है, उसे ब्रॉमेलिन निष्कर्षण, अनन्नास पत्ती फाइबर (पीएएलएफ) प्रोसेसिंग और जीआई -आधारित कन्फेक्शनरी इकाइयों के माध्यम से मूल्यवर्धित उत्पादों में बदला जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये पहलें महिला स्वयं सहायता समूहों, जनजातीय समुदायों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए नए अवसरों का सृजन करेंगी, साथ ही अनन्नास खेती के आसपास की सर्कुलर इकोनॉमी को भी मजबूत करेंगी।

लॉन्च कार्यक्रम के तहत पाइनएप्पल मिशन पर एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसके बाद त्रिपुरा के प्रगतिशील अनन्नास किसानों के साथ संवाद हुआ तथा निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा ने कहा कि अनन्नास को त्रिपुरा का राज्य फल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा के मशहूर क्वीन और क्यू किस्म के अनन्नास पहाड़ी भूभाग में प्राकृतिक रूप से बिना किसी रासायन का इस्‍तेमाल किए उगाए जाते हैं, जिससे वे अत्यंत मीठे, रसीले और सुगंधित होते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए मूल्य संवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार संपर्कों को बढ़ावा दे रही है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) के समर्थन पर विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहल उत्पादकता अंतर को कम करने और त्रिपुरा के अनन्नास को एक वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने भी मिशन के उद्देश्यों को रेखांकित किया और इस पहल के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का आभार व्यक्त किया।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने अपने प्रारंभिक संबोधन में मिशन के कार्यान्वयन ढाँचे के बारे में विस्तार से जानकारी दी और त्रिपुरा क्वीन पाइनएप्पल की पूरी आर्थिक क्षमता का उपयोग करने के लिए मिशन मोड दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत में सबसे अधिक सुगंधित और कम रेशेदार अनन्नास किस्मों में से एक होने के बावजूद, छोटे किसानों को वर्तमान में खेत स्तर पर केवल 6–10 रुपये प्रति किलोग्राम का मूल्य मिलता है। इसके विपरीत, प्रसंस्कृत और निर्यात-योग्य उत्पाद घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कहीं अधिक मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।

सचिव ने इस बात को रेखांकित किया कि यह मिशन क्षेत्र की प्रमुख संरचनात्मक कमियों को व्यवस्थित रूप से दूर करने का प्रयास करेगा। इनमें कटाई के बाद होने वाले नुकसान, एकीकृत कोल्ड-चेन अवसंरचना की कमी, व्यावसायिक स्तर की प्रसंस्करण सुविधाओं का अभाव, कमजोर ब्रांडिंग तथा सीमित जीआई मुद्रीकरण और खरीदार-संपर्क प्रणालियाँ शामिल हैं।

मिशन की गतिविधियों में जीआई प्राधिकरण कार्यशालाएँ, क्‍यू आर-आधारित ट्रेसबिलिटी सिस्टम, जीआई मुद्रीकरण ढाँचे, क्रेता-विक्रेता बैठकें, जैविक प्रमाणन सहायता, निर्यात-तैयारी उपाय तथा वार्षिक प्रमुख आयोजन जैसे “त्रिपुरा क्वीन पाइनएप्पल फेस्टिवल” शामिल होंगे, जिसे 27 जून को अंतरराष्ट्रीय अनन्नास दिवस के साथ जोड़ा जाएगा।

यह मिशन राज्य में टिकाऊ आजीविका, किसान-आधारित मूल्य सृजन और निर्यात-उन्मुख विकास को मजबूत प्रदान करते हुए त्रिपुरा क्वीन पाइनएप्पल को वैश्विक स्तर पर एक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना करता है।

शुभारंभ कार्यक्रम में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और त्रिपुरा सरकार के अधिकारी, किसान, उद्यमी तथा अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

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