अमरीका और ईरान के बीच संघर्ष के 100 दिन पूरे हो गए हैं। फरवरी के अंत में ईरान पर अमरीका और इस्राएल के हमलों से शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक व्यापक क्षेत्रीय संकट में बदल गया है। संघर्ष से होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री यातायात के लिए खतरा और लेबनान में नए सिरे से तनाव बढ गया है।
संघर्ष के 100वें दिन भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है। अमरीकी सेंट्रल कमांड के अनुसार सेना ने ईरान के दो हमलावर ड्रोन मार गिराए हैं। शुक्रवार को अमरीका ने ईरान के चार ड्रोन नष्ट कर दिए थे और ईरान के गोरुक तथा क़ेश्म द्वीप स्थित रडार और निगरानी ठिकानों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने शनिवार को कुवैत और बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए।
अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। इस संकट का असर पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। दक्षिणी लेबनान के नबातियेह क्षेत्र के पास इस्राएल के एक सैन्य अभियान के दौरान लेबनानी सेना के एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें सेना के कुछ जवान घायल हो गए। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र में संघर्ष रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास लगातार जारी हैं, लेकिन अभी भी कई बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं।





