वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई.), नई दिल्ली ने आज हरियाणा सरकार के साथ “शहरी सड़कों के पक्कीकरण और हरियाली के लिए मानक ढांचे का कार्यान्वयन (हरियाणा राज्य)” नामक परियोजना के कार्यान्वयन के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सड़क धूल प्रदूषण से निपटने और दीर्घकालिक शहरी सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना को सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई. और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), नई दिल्ली द्वारा हरियाणा सरकार के सहयोग से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के मार्गदर्शन में संयुक्त रूप से कार्यान्वित किया जाएगा।
उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए, सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई. के निदेशक डॉ. चौधरी रवि शेखर ने सड़कों पर धूल को कम करने और शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी आधारित उपायों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने स्वच्छ और सुरक्षित शहरी वातावरण के लिए व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान विकसित करने में सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई. की भूमिका पर बल दिया।
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार पॉल ने स्वच्छ और हरित शहरी सड़क नेटवर्क प्राप्त करने में एकीकृत शहरी नियोजन और सहयोगात्मक कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया।
हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार, आईएएस ने अपने सम्बोधन में सड़कों पर धूल को कम करने के लिए एक व्यापक ढांचा विकसित करने में सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई. एसपीए नई दिल्ली और सीएक्यूएम के प्रयासों की सराहना की और इसके प्रभावी कार्यान्वयन के प्रति हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सदस्य (तकनीकी) डॉ. एस.डी. अत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक, सड़क की धूल को कम करने में इस ढांचे के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ढांचे के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए अनुसंधान संस्थानों, राज्य एजेंसियों और शहरी स्थानीय निकायों के बीच समन्वित प्रयासों के महत्व पर बल दिया।
सीएक्यूएम, हरियाणा सरकार, सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई. और एसपीए नई दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भाग लेने वाले संगठनों के बीच समझौते के ज्ञापन का औपचारिक रूप से आदान-प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में सड़कों पर होने वाली धूल को शामिल किया गया है। इस समस्या से निपटने के लिए, सीएक्यूएम ने सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई. द्वारा विकसित सिफारिशों के आधार पर शहरी सड़कों के पक्कीकरण और हरियाली के लिए मानक ढांचा और विस्तृत मार्गदर्शन दस्तावेज जारी किया था। यह समझौता हरियाणा में एक सुनियोजित कार्यान्वयन कार्यक्रम के माध्यम से इन सिफारिशों को क्रियान्वित करता है।
यह परियोजना चार प्रमुख कार्य पैकेजों पर केंद्रित होगी:
- स्थान मानकों और सड़क क्रॉस-सेक्शन का विकास;
- सड़क के अधिकार क्षेत्र में हरियाली उपायों के माध्यम से सड़कों पर धूल को कम करना;
- सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली (आरएएमएस) के माध्यम से सड़क रखरखाव तौर-तरीकों में सुधार और
- सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियों को अपनाना।
यह समझौता ज्ञापन सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई., एसपीए नई दिल्ली, सीएक्यूएम और हरियाणा सरकार के सहयोगात्मक प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सड़कों पर धूल को कम करना, वायु गुणवत्ता में सुधार करना और दीर्घकालिक शहरी सड़क अवसंरचना का निर्माण करना है।
सी.एस.आई.आर.-सी.आर.आर.आई. के योजना, निगरानी एवं मूल्यांकन प्रभाग के प्रमुख और वैज्ञानिक-जी डॉ. विनोद करार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद प्रतिभागियों ने नेटवर्किंग सम्बंधी बातचीत की प्रक्रिया पूरी की।





