राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने आज नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में सिविल सेवा परीक्षा मार्गदर्शन कार्यक्रम “प्रोजेक्ट सुपर 50” का सफलतापूर्वक आयोजन किया। कार्यक्रम का विषय था “मार्गदर्शन • परामर्श • सशक्तिकरण”।
त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने सिविल सेवा उम्मीदवारों को संबोधित किया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कैसे करें, भारत में सिविल सेवा का इतिहास और सफलता के लिए आवश्यक रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने आयोग के गठन, इसके अधिदेश, शक्तियों और अनुसूचित जातियों के सशक्तिकरण में एनसीएससी की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। एनसीएससी के सदस्य डॉ. पार्थ बिस्वास ने युवाओं से डॉ. बी.आर. अंबेडकर के प्रेरणादायक मंत्र “शिक्षित हो, संगठित हो, आंदोलन करो” को अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सदस्य वड्डेपल्ली रामचंदर भी उपस्थित थे। एनसीएससी के सचिव गुडे श्रीनिवास ने सिविल सेवा परीक्षा के उम्मीदवारों को बहुमूल्य सुझाव दिए।
विशेष रूप से आमंत्रित वरिष्ठ आईएएस और आईआरएस अधिकारियों ने सिविल सेवा उम्मीदवारों के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव, परीक्षा की तैयारी की रणनीतियां और प्रशासनिक जीवन के व्यावहारिक पहलुओं को साझा किया। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना अनुसूचित जाति के युवाओं को शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिविल सेवा उम्मीदवारों, सेवारत प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों ने भाग लिया।





