सरकार ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM योजना) के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना के तहत ग्लोबल टेंडर के लिए बोली जमा करने की समय-सीमा बढ़ाई
भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने कई हितधारकों की मांग को देखते हुए आरईपीएम स्कीम के तहत ग्लोबल टेंडर के लिए समय-सीमा बढ़ा दी है। बोली जमा करने की आखिरी तारीख 29.06.2026 से बढ़ाकर 29.07.2026 कर दी गई है, जबकि तकनीकी बिड खोलने की तारीख 30.06.2026 से बदलकर 30.07.2026 कर दी गई है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इसमें हिस्सा ले सकें और हितकधारकों को बोली लगाने की प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। सभी हितधारकों की जानकारी के लिए सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट (सीपीपी) पोर्टल पर एक परिशिष्ट प्रकाशित किया गया है। (https://eprocure.gov.in/eprocure/app)।
भारत में इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) बनाने की सुविधाएँ स्थापित करने के लिए, आरईपीएम योजना के तहत लाथार्थियों के तौर पर उत्पादकों को चुनने के लिए मंत्रालय ने 20 मार्च 2026 को ग्लोबल टेंडर जारी किया था।
26 नवंबर 2025 को, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,280 करोड़ रुपये के बजट के साथ सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण को बढ़ावा देने वाली योजना को मंज़ूरी दी। अपनी तरह की इस पहली योजना का मकसद भारत में कुल 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाली इंटीग्रेटेड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट बनाने की सुविधाएँ स्थापित करना है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत ग्लोबल आरईपीएम बाज़ार में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर उभरेगा।
रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट, दुनिया के सबसे शक्तिशाली मैग्नेट में से एक हैं और इनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, विंड टर्बाइनों, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और रक्षा प्रणालियों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। भारत में NdPr ऑक्साइड से लेकर तैयार मैग्नेट तक की पूरी मूल्य श्रृखंला बनाकर, इस योजना से इस क्षेत्र में आयात पर निर्भरता काफी कम होने की उम्मीद है।




