भारत ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक-एफसीआरए पर एक अमरीकी सांसद की आपत्तियों को खारिज कर दिया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा है कि यह देश का आंतरिक विधायी मामला है और इस पर निर्णय संसद करती है। उन्होंने कहा कि अमरीका सहित कई देशों में भी विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए कानून लागू हैं।
हमने टिप्पणियाँ देखी हैं यह देश का आंतरिक विधायी मामला है और इस पर निर्णय संसद करती है। मैं यह भी बताना चाहूँगा कि अमरीका सहित कई देशों में विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए कानून लागू हैं।
भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के संबंध में रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन संबंधित देशों के नौवहन मंत्रालयों और समुद्री प्राधिकरणों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सहायता की आवश्यकता वाले लोगों के लिए चौबीस घंटे हेल्पलाइन संचालित की जा रही हैं।
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में हम स्थानीय नौवहन मंत्रालय और अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार के निर्बाद्ध संचालन की मांग दोहराते रहे हैं। हम सभी पक्षों से अपील करते हैं कि वे लोगों के बुनियादी ढांचे और नागरिकों खासकार वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाने से बचें।
पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते पर रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत इस घटनाक्रम पर भी नजर बनाए हुए हैं।





