भारतीय और अमरीकी नौसेनाओं का विस्फोटक आयुध रोधक अभ्यास आज से कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में शुरू
भारतीय नौसेना-अमरीकी नौसेना का संयुक्त एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल-ईओडी अभ्यास 2026 आज से कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में शुरू होकर 14 अगस्त तक चलेगा। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस द्विपक्षीय अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं की ईओडी टीमों और विशेषज्ञ गोताखोरों के बीच अंतर- संचालनीयता को बढ़ाना और पेशेवर सहयोग को मजबूत करना है।
इस पांच दिवसीय अभ्यास में विषय विशेषज्ञों का आदान-प्रदान (एसएमईई), संयुक्त प्रशिक्षण, उपकरणों का प्रदर्शन और विभिन्न परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक अभ्यास शामिल होंगे। इस आयोजन के माध्यम से आधुनिक विस्फोटक आयुध निस्तारण तकनीकों, नवीन प्रौद्योगिकियों और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, दोनों देशों की नौसेनाओं को एक-दूसरे की क्षमताओं, परिचालन अवधारणाओं और कार्य-प्रणालियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा।
इस अभ्यास का उद्देश्य मिलकर सीखने और कामकाज में तालमेल को बढ़ावा देना है, ताकि दोनों नौसेनाओं के कर्मी कार्य-पद्धतियों को बेहतर बना सकें, आपसी समझ को विस्तार दे सकें तथा विस्फोटक आयुध निस्तारण से जुड़ी जटिल एवं बदलती चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की अपनी क्षमता को और सुदृढ़ कर सकें।
भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना वर्ष 2005 से संयुक्त रूप से जहाज का मलबा हटाने एवं बचाव व विस्फोटक आयुध निस्तारणअभ्यास आयोजित करती आ रही हैं। आगामी अभ्यास इस विशेष द्विपक्षीय प्रशिक्षण श्रृंखला का आठवां संस्करण है। यह अभ्यास दोनों नौसेनाओं की उस मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है जिसके तहत वे आपसी तालमेल को बेहतर बनाने, कार्य-प्रणालियों से जुड़ी जानकारी साझा करने और समुद्री अभियानों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं।





