केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर हाथियों और मनुष्यों के लिए साझा भविष्य सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने बताया कि भारत में 14 राज्यों में 33 हाथी अभयारण्य और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित 150 हाथी गलियारे हैं। भूपेंद्र यादव ने कहा कि हाथियों की उन्नत जनसंख्या निगरानी और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए कड़े उपाय हाथी संरक्षण को मजबूत कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हाथियों के भविष्य को सुरक्षित करके ही हम अपने जंगलों, जैव विविधता और पर्यावरण विरासत को सुरक्षित कर सकते हैं।” उन्होंने यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया कि आने वाले समय में भी देश के जंगलों और प्राकृतिक दृश्यों में हाथी स्वतंत्र रूप से विचरण करते रहें।
इस अवसर पर, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत पृथ्वी पर सबसे समृद्ध और विविध भूदृश्यों वाले देशों में से एक है। कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि विश्व के लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथी भारत में रहते हैं, जो उन्हें देश की पारिस्थितिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, भारत के हाथी अभ्यारण्य हाथी संरक्षण के प्रति देश की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
कृति वर्धन सिंह ने हाथियों की परितंत्र के अभिरक्षक के रूप में भूमिका पर भी प्रकाश डाला। कृति वर्धन सिंह ने कहा कि हाथी जब घूमते हैं तो वे बीजों को दूर-दूर तक फैलाते हैं, जिससे नए पौधे उगते हैं और हाथी का हर कदम प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने सभी से इस विशालकाय जीव की रक्षा और संरक्षण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।





