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Parliament passed the National Cooperative Development Corporation (Amendment) Bill, 2026.
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संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित किया

संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही इस विधेयक को पारित कर चुकी है। सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में और संशोधन करना है। यह विधेयक राज्य सरकारों को सहकारी विकास में लगी किसी भी संस्था को निगम से निधि प्रदान करने की भी अनुमति देता है। निगम किसी भी सहकारी समिति या सहकारी विकास में लगी संस्था को सीधे ऋण और अनुदान भी प्रदान कर सकता है।

चर्चा का उत्तर देते हुए मुरलीधर मोहोल ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से देश भर के करोड़ों किसानों के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम- एन.सी.डी.सी की स्थापना देश में सहकारी क्षेत्र के संगठित और सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। श्री मोहोल ने कहा कि 1963 में एन.सी.डी.सी की स्थापना से लेकर 2014 तक, पिछली सरकार ने केवल लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी। हालांकि, 2014 से लेकर पिछले 12 वर्षों में वित्तीय सहायता बढ़कर लगभग चार लाख करोड़ रुपये हो गई है।

मुरलीधर मोहोल ने कहा कि आज देश में आठ लाख से अधिक सहकारी समितियां हैं, जिनसे लगभग 3 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है और उन्हें लगभग 25 विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने में सक्षम बनाया गया है। मुरलीधर मोहोल ने बताया कि सहकारी क्षेत्र को प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन प्रदान करने के लिए त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। मुरलीधर मोहोल ने कहा कि इस संस्थान के माध्यम से अगले पांच वर्षों में लगभग 17 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल पांच वर्षों में सहकारी क्षेत्र में 163 से अधिक प्रमुख पहलें की गई हैं।

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