CCI ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन और एग्रो इनपुट वेलफेयर एसोसिएशन पर मौद्रिक और गैर-मौद्रिक प्रतिबंध लगाए
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई/आयोग) ने कार्टेलाइजेशन (गुटबंदी) के प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण में लिप्त होने के लिए एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (एआईडीए), एग्रो इनपुट वेलफेयर एसोसिएशन (एआईडब्ल्यूए), श्री मनमोहन सी. कलांत्री और श्री अरविंदभाई जेरामभाई पटेल पर मौद्रिक और गैर-मौद्रिक प्रतिबंध लगाते हुए प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) की धारा 27 के प्रावधानों के तहत दिनांक 21 अगस्त, 2026 को एक आदेश पारित किया।
इस मामले में आयोग ने यह पाया कि एआईडीए, एआईडब्ल्यूए, श्री कलांत्री और श्री पटेल ने अधिनियम की धारा 3(1) के साथ पठित धारा 3(3)(बी) के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। तदनुसार, आयोग ने अधिनियम की धारा 27(ए) के तहत ओपीएस और उनके संबंधित अधिकारियों (एआईडीए के महासचिव श्री प्रवीणभाई पटेल और एआईडीए के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री संजय कुमार रघुवंशी), जिन्हें अधिनियम की धारा 48 के प्रावधानों के तहत उत्तरदायी पाया गया है, को भविष्य में अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन वाले इस प्रकार के आचरण से बचने और दूर रहने का निर्देश दिया है।
आयोग ने प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण की प्रकृति और गंभीरता के साथ-साथ शमन और बढ़ाने वाले कारकों के आकलन पर विचार करने के बाद एआईडीए पर 81,889 रुपये, एआईडब्ल्यूए पर 3,92,269 रुपये, श्री कलांत्री पर 4,98,903 रुपये, श्री अरविंदभाई जेरामभाई पटेल पर 74,717 रुपये, श्री प्रवीणभाई पटेल पर 9,177 रुपये और श्री रघुवंशी पर 8,622 रुपये का मौद्रिक जुर्माना भी लगाया।
इसके अलावा आयोग ने अधिनियम की धारा 27(जी) के तहत ओपीएस को प्रतिस्पर्धा कानूनों के बारे में जागरूकता फैलाने और अपने संघों के भीतर प्रतिस्पर्धा अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक प्रतिस्पर्धा अनुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया।





