केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात के अमरेली में ‘गुजरात गौरव सरोवर’ का लोकार्पण किया। हरिकृष्ण ग्रुप और ढोलकिया फाउंडेशन द्वारा ‘गुजरात गौरव सरोवर’ का निर्माण किया गया है। इस अवसर पर गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मत्स्य पुराण के अनुसार, कुआं, वाव और तालाब बनाने वालों को बहुत पुण्य मिलता है। उन्होंने कहा कि आजकल कम बारिश के मद्देनजर अगर हम बारिश की एक-एक बूंद बचाने की कोशिश करें और भूजल स्तर बढ़ाएं तो देश-प्रदेश में कभी अकाल की आशंका नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 21 एकड़ में फैला 40 करोड़ लीटर क्षमता वाला ‘गुजरात गौरव सरोवर’ कृषि-पेयजल उपलब्धता और भूजल संरक्षण में सहायक बनेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कवि कलापी ने एक सुंदर कविता में लिखा है कि ‘राजा जैसा होता है, वैसा ही प्रजा का भाग्य होता है’। अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2001 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तो देखते ही देखते पूरे सौराष्ट्र एवं उत्तर गुजरात में पानी की कमी दूर हो गई और अकाल भूतकाल बन गया।
अमित शाह ने कहा कि मोदी जी के मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री बनने के बाद गुजरात में 2026 तक कोई बड़ा अकाल नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस साल सभी कह रहे थे कि अल-नीनो के असर से अकाल पड़ेगा। कुछ छोटे-छोटे गाँवों में थोड़ी-बहुत बारिश हुई, लेकिन पहले की तरह ऐसी नौबत नहीं आई कि पशु-पक्षियों को लेकर वालसाड जाना पड़े। अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद 2003 तक डेढ़ लाख चेक डैम बनवाने का काम किया। उन्होंने कहा कि नर्मदा योजना, जिसकी नींव 1961 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने रखी थी, के दरवाजे तब खुले जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने। उन्होंने कहा कि इस योजना के कारण नर्मदा का पानी पूरे सौराष्ट्र, कच्छ और खावड़ा तक पहुँचा और जब पानी की बचत होने लगी तो ‘सौनी’ योजना बनाई गई। बचे हुए पानी को ‘सौनी’ योजना के माध्यम से सौराष्ट्र के बाँधों और नदियों में डाला गया। उत्तर और मध्य गुजरात के करीब 10 हजार सरोवरों में नर्मदा नदी का पानी संग्रहित किया जा रहा। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में कई लोगों ने अनगिनत तालाब बनवाने का काम किया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने कहा कि संत सदियों से कहते आए हैं कि ‘जल ही जीवन है’, लेकिन इससे पहले किसी सरकार ने जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना नहीं की थी। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने एक रुपये का अतिरिक्त खर्च किए बिना देश भर के सभी बांधों से गाद निकालकर सिंचाई की क्षमता 160 प्रतिशत तक बढ़ाई। मोदी जी के नेतृत्व में देश में ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर इरिगेशन सिस्टम और ‘कैच द रेन’ अभियान चलाया गया, ताकि बूँद-बूँद पानी जमीन में वापस जाए। उन्होंने कहा कि आज गुजरात को सूखे की समस्या से काफी हद तक मुक्ति मिली है। राज्य में सरोवरों और बांधों की संख्या बढ़ी है, जिसके साथ खेती के क्षेत्र में भी वृद्धि हुई है। आज नदियों को पुनर्जीवित करने और तालाब बनाने से कई इलाकों में भूजल स्तर काफी ऊपर आया है।
अमित शाह ने कहा कि पूरे सौराष्ट्र में जल संरक्षण का संस्कार अब नई पीढ़ी तक पहुँच चुका है। हजारों संतों और लोक कलाकारों ने पानी की जरूरत का संदेश लोगों तक पहुँचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 2001 में गुजरात की विपरीत परिस्थिति थी। लगभग 80 प्रतिशत पानी भरूच तक के क्षेत्र में था, जबकि वहाँ की आबादी महज 16 प्रतिशत थी। जहाँ 85 प्रतिशत आबादी थी, वहाँ पानी सिर्फ 14 प्रतिशत था। इतने बड़े अंतर को मोदी जी ने मानव बल, लोक जागृति और जन आंदोलन से पाटने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि ‘सौनी’ योजना से सौराष्ट्र में नर्मदा का पानी पहुँचाया गया और उत्तर गुजरात में ‘सुजलाम सुफलाम’ योजना से गाँव-गाँव में जल स्तर ऊपर उठाने का प्रयत्न किया गया। उन्होंने कहा कि आज गुजरात सच में अकाल मुक्त बना है। सरोवर और चेक डैम बढ़े हैं और खेती अच्छी हो रही है, हरियाली बढ़ी है और बारिश भी अच्छी होती है। 2001 से 2026 तक कहीं अकाल देखने को नहीं मिला, यह मोदी जी की योजनाओं का परिणाम है।
गृह मंत्री ने कहा कि हरिकृष्ण ग्रुप के संस्थापक सवजी ढोलकिया जी ने उनसे कहा कि उन्होंने पद्मश्री सम्मान के लिए सरकार से कोई विनती नहीं की थी, फिर भी उन्हें यह सम्मान दिया गया। अमित शाह ने कहा कि पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत रत्न — ये सम्मान परिवार वालों और पहचान वालों के लिए नहीं हैं, ये उनके लिए हैं, जो प्रशंसा की इच्छा रखे बिना पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित कर देते हैं।





