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लोक सभा अध्यक्ष ने सेशेल्स के संसदीय शिष्टमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज संसद भवन परिसर में सेशेल्स की नेशनल असेंबली की स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा और सेशेल्स के प्रतिष्ठित संसदीय शिष्टमंडल के साथ द्विपक्षीय संसदीय संवाद किया।

अज़ारेल अर्नेस्टा का स्वागत करते हुए, ओम बिरला ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली की पहली महिला स्पीकर के रूप में उनके ऐतिहासिक निर्वाचन पर उन्हें बधाई दी। इस वर्ष की शुरुआत में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (सीएसपीओसी) के दौरान अज़ारेल अर्नेस्टा के साथ हुई बातचीत का स्मरण करते हुए, ओम बिरला ने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं, विशेष रूप से योग में उनकी रुचि की सराहना की। उन्होंने मां काली के प्रति उनकी भक्ति का भी उल्लेख किया।

भारत और सेशेल्स के बीच गहरी और अटूट मित्रता के बारे में बात करते हुए, ओम बिरला ने सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के साथ-साथ दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध राजनय की पारंपरिक सीमाओं से परे सदियों पुराने सभ्यतागत संबंध हैं जो जीवंत भारतीय प्रवासी समुदाय द्वारा पोषित और दोनों देशों के लोगों के आपसी स्नेहपूर्ण संबंधों पर आधारित हैं ।

ओम बिरला ने कहा कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और परंपराओं से दोनों देशों के घनिष्ठ संबंध और मजबूत हुए हैं । उन्होंने विशेष रूप से सेशेल्स में भारत की आध्यात्मिक परंपराओं, विशेषकर योग के प्रति बढ़ती गहरी रुचि का उल्लेख किया। योग में अज़ारेल अर्नेस्टा की व्यक्तिगत रुचि की सराहना करते हुए, उन्होंने भारतीय प्रशिक्षकों के माध्यम से सेशेल्स में योग को और अधिक लोकप्रिय बनाने में भारत के सहयोग का प्रस्ताव रखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल में की गई सेशेल्स की राजकीय यात्रा के बारे में बात करते हुए ओम बिरला ने प्रधान मंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच घनिष्ठ और सौहार्दपूर्ण संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि प्रधान मंत्री मोदी पहले भारतीय प्रधान मंत्री हैं जिन्होंने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र को संबोधित किया।

ओम बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक संबोधन ने भारत और सेशेल्स के बहुआयामी संबंधों में नई ऊर्जा का संचार किया है और इसे नई गति प्रदान की है, जिससे दोनों देशों की साझेदारी और प्रगाढ़ और मजबूत हुई है। संसदीय संवाद के महत्व पर बल देते हुए, ओम बिरला ने दोनों देशों के विधानमंडलों के बीच सहयोग को और मजबूत करने तथा लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं की अपनी साझा विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

अज़ारेल अर्नेस्टा के भारत के साथ जुड़ाव के बारे में बात करते हुए, ओम बिरला ने इस बात का उल्लेख कि उन्होंने संसदीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण ब्यूरो (बीपीएसटी), जो अब प्राइड के नाम से जाना जाता है, द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया था। ओम बिरला ने कहा कि भारत के साथ अपने दीर्घकालिक जुड़ाव से अज़ारेल अर्नेस्टा ने दोनों संसदों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने में सार्थक योगदान दिया है। सेशेल्स की नेशनल असेंबली के सदस्यों को भारत की संसद का दौरा करने का निमंत्रण देते हुए ओम बिरला ने कहा कि ऐसे आदान-प्रदान से भारत की समृद्ध और जीवंत लोकतांत्रिक परंपराओं को करीब से अनुभव करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने संसदीय क्षमता निर्माण में संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) के बारे में बात करते हुए कहा कि सेशेल्स के सदस्यों और अधिकारियों के लिए विधायी प्रारूपण, संसदीय प्रक्रियाओं और अन्य विधायी प्रक्रियाओं के बारे में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

संसदीय कामकाज में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका के बारे में बात करते हुए, ओम बिरला ने बताया कि भारत की संसद ने पेपरलेस संसद के दृष्टिकोण को अपनाया है और संसदीय कार्यवाही के 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने डिजिटल संसद सहित अत्याधुनिक तकनीक में भारत के महत्वपूर्ण निवेश और पूरे देश के विधायी निकायों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने स्वास्थ्य, डिजिटल परिवर्तन, अवसंरचना और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत-सेशेल्स सहयोग की अपार संभावनाओं पर बल दिया। ओम बिरला ने प्राइड के माध्यम से संसदीय क्षमता निर्माण में भारत के समृद्ध अनुभव को साझा करने की पेशकश की और कहा कि सेशेल्स की नेशनल असेंबली के सदस्य और अधिकारी प्राइड के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लाभान्वित हो सकते हैं।

ओम बिरला ने संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के माध्यम से भारत और सेशेल्स के लोगों के आपसी संबंधों को और समृद्ध करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर ग्लोबल साउथ की आवाज और आकांक्षाओं को अधिक सशक्त कर सकते हैं । सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक विश्वसनीय और महत्वपूर्ण सहयोगी बताते हुए, ओम बिरला ने ‘विजन महासागर’ के संदर्भ में दोनों देशों की साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर बल दिया।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, अज़ारेल अर्नेस्टा ने उनके और संसदीय शिष्टमंडल के गर्मजोशी से किए गए आतिथ्य-सत्कार के लिए ओम बिरला का आभार व्यक्त किया। सीएसपीओसी के दौरान भारत की संसद की अपनी पिछली यात्रा का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा, “भारत मेरे दिल के करीब है।” भारत को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए अज़ारेल अर्नेस्टा ने भारत के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेशेल्स में शुरुआत में बसने वाले प्रवासियों में शामिल हैं और भारतीय संस्कृति इस देश के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में गहराई से रची-बसी है।

इस बात का उल्लेख करते हुए कि महासागर साझा होने के साथ ही भारत और सेशेल्स के बीच एक साझा इतिहास और अटूट संबंध भी रहे हैं, अज़ारेल अर्नेस्टा ने संसद के डिजिटलीकरण में भारत की उल्लेखनीय प्रगति और इसके कामकाज में प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग की सराहना की।

इस अवसर पर सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी; सांसद अपराजिता सारंगी; और सांसद हिमाद्रि सिंह भी उपस्थित थीं।

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