केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने थाईलैंड की उप-प्रधानमंत्री एवं वाणिज्य मंत्री सुपाजी सुथुमपुन से मुलाकात की
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में थाईलैंड की उप-प्रधानमंत्री एवं वाणिज्य मंत्री सुपाजी सुथुमपुन से मुलाकात की।
दोनों मंत्रियों ने भारत-थाईलैंड आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने, कारोबारी अवसरों का विस्तार करने और दोनों देशों के बीच व्यापार-से-व्यापार संबंधों को और गहरा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में संतुलित और सतत् विकास को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों में अधिक सहयोग और मिलकर समाधान विकसित करने के माध्यम से भारत और थाईलैंड के बीच व्यापार एवं निवेश को और बढ़ाने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कारोबारी नेटवर्क बढ़ाने, व्यापार-से-व्यापार सहभागिता को बढ़ाने और उद्यमों के लिए बाजार के अवसरों का विस्तार करने के लिए दोनों देशों में व्यापार संवर्धन गतिविधियों को मजबूत करने पर भी चर्चा की।
दोनों पक्षों ने आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा की प्रगति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और समयबद्ध तरीके से भारत-थाईलैंड संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) के माध्यम से द्विपक्षीय सहभागिता को और गहरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दोनों पक्षों ने ऐसे संतुलित और परस्पर लाभकारी ढांचे के महत्व को स्वीकार किया, जो अधिक व्यापक बाजार पहुंच का समर्थन कर सके और दोनों देशों के कारोबारों के लिए अवसर पैदा कर सके।
दोनों मंत्रियों ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और नवाचार, स्वास्थ्य एवं कल्याण तथा व्यापार और निवेश संवर्धन सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत थाई कारोबारों के एक प्रतिनिधिमंडल को भी संबोधित किया।
भारत और थाईलैंड के बीच लंबे समय से सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी भी रही है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ाने तथा निजी क्षेत्र के सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों ने भी व्यापार को सुगम बनाने, बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों का समाधान करने तथा क्षेत्रीय और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
बैठक में आर्थिक सहभागिता को और गहरा करने, कारोबारी साझेदारियों को मजबूत करने तथा एक मजबूत, संतुलित और परस्पर लाभकारी व्यापार एवं निवेश संबंध बनाने के लिए भारत और थाईलैंड की साझा प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की गई।




