भारत का सेमीकंडक्टर बाजार वर्ष 2026 में करीब 64 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 200 अरब डॉलर होने का अनुमान है। अर्न्स्ट एंड यंग ग्लोबल लिमिटेड और इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन की ‘सेमिकॉन इंडिया 2.0’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है। यह रिपोर्ट सेमिकॉन इंडिया 2026 के दौरान जारी की गई।
रिपोर्ट में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया गया है। इसके अनुसार, सेमीकंडक्टर का आयात वित्त वर्ष 2016-17 के 5 अरब 70 करोड़ डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 30 अरब 30 करोड़ डॉलर हो गया। इस दौरान इसमें 23 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पास इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त प्रतिभा और तेजी से विस्तार करता इलेक्ट्रॉनिकी क्षेत्र है। भारत में इस समय दुनिया के करीब 20 प्रतिशत चिप डिजाइन इंजीनियर हैं।




