रिजर्व बैंक ने लगभग चार वर्ष में रेपो दर में 25 आधार अंक की वृद्धि कर इसे 5.5% किया
आरबीआई ने वैश्विक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच बढ़ती मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए लगभग चार वर्ष बाद रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर पांच दशमलव पांच प्रतिशत कर दिया है। मुम्बई में आज द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर, संजय मल्होत्रा ने यह जानकारी दी।
बदलते आर्थिक तथा वित्तीय हालात, हाल के घटनाक्रमों और भविष्य के अनुमानों की विस्तार से समीक्षा के बाद, मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से प्रमुख नीतिगत रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, स्टैडिंग डिपोजिट फैसिलिटी दर 5 दशमलव दो पांच प्रतिशत, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर और बैंक दर 5 दशमलव सात पांच प्रतिशत कर दिए गए हैं। समिति ने दो-के-मुकाबले-चार मतों से अपने रुख को ‘सोच-समझकर मौद्रिक सख्ती की ओर बदलने का भी फैसला किया है।
रिजर्व बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद-जीडीपी वृद्धि अनुमान, सात दशमलव एक प्रतिशत व्यक्त की है।





