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Wholesale Price Index-based inflation
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भारत की थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष सितंबर में बढ़कर 11.39% हुई

देश में थोक मूल्‍य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्‍फीति सितंबर में बढ़कर 11 दशमलव तीन-नौ प्रतिशत हो गई है। अगस्त में यह 9 दशमलव नौ-दो प्रतिशत थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार, खनिज तेल, खाद्य पदार्थों, कच्चे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयला और धातुओं की कीमतों में वृद्धि से थोक महंगाई दर बढ़ी है।

रसायन, कपड़ा, रबर, प्लास्टिक और बिजली के उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी का भी इसमें योगदान रहा। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में ईंधन और विद्युत की महंगाई दर बढ़कर 25 दशमलव आठ-पांच प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त में यह 22 दशमलव नौ-तीन प्रतिशत थी।

विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर 8 दशमलव तीन-सात प्रतिशत से बढ़कर 9 दशमलव सात-छह प्रतिशत और प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर 7 दशमलव सात-छह प्रतिशत से बढ़कर 8 दशमलव छह-सात प्रतिशत हो गई।

खाद्य वस्तुओं और खाद्य उत्पादों की महंगाई दर भी अगस्त के 7 दशमलव शून्य 5 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 8 दशमलव छह-छह प्रतिशत पर पहुंच गई।

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में थोक महंगाई दर 9 दशमलव आठ-पांच प्रतिशत रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में इसमें शून्य दशमलव 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।

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