केंद्र सरकार ने भारत-मॉरीशस के दोहरे कराधान निवारण समझौते – डीटीएए में संशोधन अधिसूचित किए हैं। इसमें कर चोरी और कर से बचने के लिए संधि प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक प्रमुख उद्देश्य परीक्षण – पीपीटी शामिल किया गया है। संशोधित समझौते के अंतर्गत यदि किसी लेन-देन या व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य कर संधि लाभों को प्राप्त करना पाया जाता है, तो ऐसे लाभों को अस्वीकार किया जा सकता है।
यह संशोधन दोहरे कराधान को समाप्त करने के समझौते के उद्देश्य को बनाए रखते हुए, अनपेक्षित कर लाभ प्राप्त करने के लिए संधि प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकने का प्रयास करता है।
भारत और मॉरीशस ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को सुगम बनाते हुए कर चोरी के विरुद्ध सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए मार्च 2024 में पोर्ट लुइस में अपने मौजूदा डीटीएए में संशोधन करने वाले प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद प्रोटोकॉल पिछले महीने की दस सितम्बर से लागू हो गया।





