संयुक्त राष्ट्र में भारत ने अल्पसंख्यक अधिकारों के उल्लंघन और सैन्य नियंत्रण को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की
भारत ने पाकिस्तान पर भारत को बदनाम करने और आर्थिक संकट, अराजकता तथा मानवाधिकार उल्लंघन जैसी घरेलू चुनौतियों से ध्यान भटकाने के लिए दुष्प्रचार का आरोप लगाया है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अल्पसंख्यक मामलों के विशेष दूत के साथ संवाद के दौरान कल भारत के प्रथम सचिव रघु पुरी ने अल्पसंख्यक अधिकार के मामले में पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना राजनीतिक नेतृत्व पर अब भी नियंत्रण बनाए हुए है। श्री पुरी ने कहा कि पाकिस्तान में सेना ही देश का ‘वास्तविक शासक’ है वहां की सरकार पाकिस्तानी सेना के निर्देशों को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
रघु पुरी ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की घटती आबादी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा करना हर देश की जिम्मेदारी है और पाकिस्तान को चाहिए कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आलोचना करने के बजाय अपने नागरिकों के कल्याण पर ध्यान दे।
रघु पुरी ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का कोई दावा नहीं है क्योंकि यह भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले इलाक़ों को खाली कराने का है।
रघु पुरी ने कहा कि भारत बहु-धार्मिक, बहु-जातीय और बहुभाषी समाज है और अल्पसंख्यक अधिकारों के मामले में भारत का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों के लिए किए गए संवैधानिक उपायों तथा सरकार, सशस्त्र बलों, उद्योग और संस्कृति में इन समुदायों के योगदान की चर्चा की।





