एग्जिट पोल से इस्राएल के संसदीय चुनाव में गतिरोध के संकेत, गठबंधन की सरकार बनने की संभावना
इस्राएल में संसदीय चुनाव में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। चुनावी परिणाम के चलते गठबंधन की सरकार बनने की स्थिति बन गई है। देश के तीनों प्रमुख समाचार संस्थानों ने अपने-अपने एग्जिट पोल दिए हैं। विपक्ष के नेता गादी आइज़ेनकोट के दल को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दल पर दो सीट की बढ़त मिली है।
एग्जिटपोल में अनुमान लगाया गया है कि आइज़ेनकोट के दल को 52 और नेतन्याहू के नेतृत्व वाले लिकुड गठबंधन को 50 सीटें मिलेंगी। 120 सदस्यीय संसद -क्नीसेट में बहुमत के लिए 61 सीट आवश्यक हैं। इन परिणामों से सरकार बनाने का पहला मौका आइज़ेनकोट को मिल सकता है। अनुमान है कि शेष 18 सीटें उन अरब पार्टियों को मिलेंगी जो किसी भी दल से संबद्ध नहीं हैं, और आइज़ेनकोट ने उनके साथ सरकार बनाने की संभावनाओं को लगभग खारिज कर दिया है। वहीं, गठबंधन वार्ता विफल होने पर नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रह सकते हैं। इस्राएल की केंद्रीय चुनाव समिति ने कहा है कि मतदान प्रतिशत 77 दशमलव 7 प्रतिशत रहा। हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमलों और उसके बाद गाजा, लेबनान और ईरान में हुई लडाई के बाद पहली बार मतदान हुआ है। नेतन्याहू पिछले 30 वर्ष की अवधि में लगभग 19 वर्ष तक प्रधानमंत्री रहे हैं और उन्होंने कई राजनीतिक संकटों का सामना किया है। नवीनतम एग्जिट पोल में आइज़ेनकोट के गुट को मामूली बढ़त दिखाई दे रही है, लेकिन किसी भी पक्ष को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पा रहा है।





