भारत

अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान: मौसम विभाग

भारत में अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है, जबकि अगस्त के अंत तक ला-नीना की अनुकूल स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग (IMD) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

भारत में कृषि के लिए मानसून बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुल खेती योग्य भूमि का 52 प्रतिशत हिस्सा बारिश पर निर्भर है। देश में एक जून से अब तक 453.8 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 445.8 मिमी होती है। यह सामान्य बारिश से दो प्रतिशत अधिक है क्योंकि जून में सूखा रहने के बाद जुलाई में सामान्य से अधिक बारिश हुई।

आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने ऑनलाइन आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत से सटे हिस्से, लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ तथा मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

आईएमडी प्रमुख ने अगस्त-सितंबर में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कम बारिश होने का अनुमान जताया है।उन्होंने कहा कि ला नीना से मध्य प्रशांत महासागर में पानी का तापमान सामान्य से काफी कम हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी वर्षा होती है, अगस्त के अंत ला नीना की स्थिति बन सकती है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

महापात्र ने कहा, “गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है। भारत में जुलाई में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि मध्य क्षेत्र में 33 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। महापात्र ने कहा कि मध्य भारत के हिस्सों में अच्छी बारिश हुई, जिससे कृषि को लाभ हो रहा है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 23 प्रतिशत और उत्तर-पश्चिम भारत में 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। दक्षिणी प्रायद्वीप में जुलाई में 36 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश काफी कम हुई है। हालांकि, अगस्त और सितंबर में इस क्षेत्र में अच्छी बारिश की उम्मीद है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की कमी 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक रही। महापात्र ने कहा कि मध्य और दक्षिणी भारत में अतिरिक्त बारिश हुई क्योंकि अधिकांश दिनों में मानसून का रुख सामान्य की जगह दक्षिण की ओर रहा।

Editor

Recent Posts

संयुक्त राष्ट्र ने भारत में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण-जीईसी-3 को मंजूरी मिलने का स्वागत किया

संयुक्त राष्ट्र ने भारत में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तीसरे चरण-जीईसी-3 को मंजूरी मिलने का…

12 घंटे ago

भारत ने व्यापार बाधाओं, डंपिंग और अनुचित मूल्य निर्धारण के समाधान के लिए WTO के अनुरूप उपायों की मांग की

अमरीका के मिलवॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन पर भारत ने वैश्विक…

12 घंटे ago

भारतीय नौसेना का पोत ‘त्रिशूल’ स्पेन के वालेंसिया पहुँचा

भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का निर्देशित प्रक्षेपास्त्र स्टील्थ युद्धपोत 'त्रिशूल' भूमध्य सागर, अटलांटिक और…

1 दिन ago

पश्चिम बंगाल में ‘बाघ पुनर्वास कार्यक्रम’ के तहत बुक्सा बाघ अभ्यारण्य में पहली बाघिन को छोड़ा गया

भारत में बाघ संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, आज केंद्रीय पर्यावरण,…

1 दिन ago

सीबीएन राजस्थान यूनिट ने थाईलैंड से आए अंतरराष्ट्रीय पार्सल में छिपाए गए 1.080 किग्रा हाइड्रोपोनिक गांजे की तस्करी पकड़ी

मादक पदार्थों और मनोसक्रियक पदार्थों की अवैध तस्करी और तस्करों पर रोक लगाने के अपने…

1 दिन ago